विज्ञापन

पेयजल व्यवस्था में लापरवाही, एक्सईएन को फटकारा

Hamirpur Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। सूखा राहत एवं पेयजल की साप्तहिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने जलनिगम के कार्यो में शिथिलता पाए जाने पर अधिशासी अभियंता को फटकार लगाई। साथ ही जल निगम के चीफ इंजीनियर से वार्ताकर 15 जून तक मुख्यालय आकर विभागीय व्यवस्था को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। कहा कि व्यवस्था न सुधरने पर जल निगम के अधिकारियों के विरुद्ध जेल भेजे जाने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट के सभागार में जिलाधिकारी ने सूखा राहत एवं पेयजल से संबंधित सप्ताहिक बैठक में हैंडपंपाें, नलकूपों, विद्युत व तालाबों के भरे जाने की गहन समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कुरारा ब्लाक में 50 के सापेक्ष 18, सुमेरपुर में 50 के सापेक्ष 8 व यूपी एग्रो द्वारा 32 के सापेक्ष 21 हैंडपंपाें के रिबोर किए जाने का दावा किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों से रिबोर हैंडपंपो के सत्यापन करने के निर्देश दिए। वहीं जिले में जल निगम द्वारा 700 हैंडपंपाें के सापेक्ष 73 का कार्य होने पर जिलाधिकारी नाराजगी व्यक्त की और उन्होंने अधिशाषी अभियंता को फटकार लगाई। इसके साथ ही इनके चीफ इंजीनियर से वार्ता कर 15 जून को मुख्यालय आकर विभागीय व्यवस्था को ठीक कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी ने शासन व जल निगम के उच्च अधिकारियों से वार्ता की। कहा कि अगर उनके द्वारा विभाग में सुधार लाने की व्यवस्था नही की गई तो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शिथिलता बरतने पर जेल भिजवाने की भी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सूखे हुए तालाबों को तत्काल भरवाया जाए। वहीं कंाशीराम कालोनी में पानी न पहुंचने की शिकायत पर अवर अभियंता को तत्काल व्यवस्था दुरूस्त कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि अगर कोई भी मानव या पशु पेयजल से मरता है तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Related Videos

सत्ता का सेमीफाइनलः कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर है जयपुर फतह करना

अमर उजाला का चुनावी रथ पहुंचा है जयपुर। इस जिले को भाजपा का गढ़ माना जाता है। इस जिले में 19 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 8 सीटें जयपुर शहर के अंतर्गत और 11 सीटें जयपुर ग्रामीण के अंतर्गत आती हैं।

15 नवंबर 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree