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बिजली ने छीना दिन का चैन रात की नींद

Hamirpur Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर/राठ। पावर कारपोरेशन के 18 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे की हवा निकल गई। कारपोरेशन मात्र दस घंटे ही बिजली दे रहा है। ऐसी गर्मी में लोग रात में छतों पर टहल कर गुजार रहे हैं। बिजली के बगैर आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं कटौती होने से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। झुलसाती गर्मी में लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। बिजली की हायतौबा से परेशान अधिकारियों ने कारपोरेशन के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक को कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना जताते हुए पत्र लिखा है।
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बिजली की किल्लत से पूरा जिला हलाकान है। अघोषित कटौती का सीधा असर पेयजल पर पड़ रहा है। बिजली की आवक कम होने से इस गर्मी भरे मौसम में लोगों को राहत नहीं मिल रही है और पेयजल योजनाओं पर विपरीत असर पड़ रहा है। किल्लत होने का असर उद्योग धंधों पर है। मंगलवार को मुख्यालय सहित कुरारा, सुमेरपुर, मौदहा, बिवांर के पावर सबस्टेशनों के फीडरों में आपूर्ति बाधित रही है। दिन में करीब 11 बजे बिजली सप्लाई दी गई। जो बमुश्किल 10 मिनट ही मिली। कुल मिलाकर सुबह 10 से तीन बजे तक मिलने वाली बिजली से उपभोक्ताओं को दूर कर दिया गया। इसी तरह रात में बिजली कटौती जारी है। हालांकि पावर कारपोरेशन ने उपभोक्ताओं को 20 घंटे बिजली देने का रोस्टर जारी कर रखा है। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उपभोक्ताओं 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। पावर कारपोरेशन के अधिशाषी अभियंता तरुणवीर सिंह ने बताया कि बिजली के लिए कंट्रोल रूम को भी पत्र लिखा है। कहा कि जिलाधिकारी की ओर से पावर कारपोरेशन के प्रणाली नियंत्रण कंट्रोल रूम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अवनीश अवस्थी को पत्र भेजा है। इसमें कहा कि बिजली कटौती से पेयजल सप्लाई बाधित हो रही है। गर्मी को देखते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
उधर राठ में हालत यह है कि रात दस बजे बिजली आने के तीन घंटे बाद घंटों बिजली चली जाती है। जिससे लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है। बिजली नहीं रहने से लोग रात भर जाग रहे हैं। बिजली कटौती के चलते लोग रात भर छतों में टहलकर काटते हैं। दिन में बमुश्किल तीन घंटे ही उपभोक्ताओं को बिजली मिल रही है। वहीं बिजली कटौती से कसबे में पेयजल संकट गहरा गया है। लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। बिजली की अघोषित कटौती से कसबे के लोगों में आक्रोश है। किसी भी दिन लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट सकता है। पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता भूपसिंह ने बताया कि पनकी से बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है।

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