खुले में रखे गेहूं पर मानसून का खतरा बढ़ा

Hamirpur Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। गेहूं खरीद केंद्रो से गेहूं की उठान न होने से बारिश से भीगने के आसार बढ़ गए हैं। बारिश का सीजन सिर पर आ गया है। बदली छाने व बूंदाबांदी होने से केंद्र प्रभारियों की जान सांसत में है। जिले में अभी 8161 मीट्रिक टन गेहूं की उठान होनी है।
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जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब है। 35 हजार एमटी लक्ष्य के मुकाबले 34 828.53 एमटी की खरीद हो चुकी है। खरीदे गए गेहूं में से 26 667 एमटी गेहूं की डिलेवरी हो चुकी है। इसके चलते गेहूं खरीद मात्र एक हजार मीट्रिक टन पीछे है। इस सबके बावजूद गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों के गेहूं के ढेर पड़े है। जिसको लेकर किसान उच्चाधिकारियों से शिकायत कर गेहूं तुलाई की मांग कर रहे हैं। वहीं बारदाना के अभाव में केंद्र प्रभारी गेहूं खरीद नहीं हो रही है। कुछ केंद्रों में डीएम के निर्देश पर किसानों ने अपना गेहूं पुरानी बोरियों में तौलकर खुले आसमान के नीचे रखवा दिया है। इन किसानों के गेहूं को नई बोरियां आने के बाद ही निस्तारण हो सकेगा। दोनोें ही गेहूं को सुरक्षित करने के लिए परेशान है। वहीं उच्चाधिकारी भी गेहूं के भंडारण को लेकर एफसीआई के अधिकारियों को मंडी समितियों में नीलामी चबूतरों को आवंटित कर रखवाया जा रहा है। चबूतरों के भरने के बाद शेष गेहूं की बोरियों को मंडी समितियों की सड़कों पर क्रेट लगाकर भंडारण किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी एचजीएस पुंडीर ने बताया कि 100 गांठे अगले दो दिन में आने की उम्मीद है। उन्होंने डंप गेहूं की डिलेवरी के लिए संबंधित एजेंसियों को ट्रकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए है।
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