आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से बर्बाद 4144 किसानों के लिए दो करोड़ मांगे

Hamirpur Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। दो माह पहले आंधी/तूफान से बर्बाद हुए किसानों के लिए दो करोड़ रुपए की राहत मांगी गई है। क्षतिपूर्ति के आकलन में 14.58 करोड़ रुपए की फसलों का नुकसान हुआ। इस प्राकृतिक कहर में दो लोगों की मौत और तीन लोग घायल हुए थे जबकि आठ मवेशी काल के गाल में समा गए थे। राजस्व विभाग ने इस आपदा से 4144 प्रभावित किसानों को दैवी आपदा राशि देने के लिए 2 करोड़ रुपए की धनराशि मांगी है।
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12 अप्रैल को आंधी तूफान और ओलावृष्टि होने से किसान बर्बाद हो गए थे। जहां सरीला के हरसुंडी गांव में बिजली गिरने से किसान रामसहोदर की मौत हो गई वहीं उसकी भाभी शीला पत्नी मनोज गंभीर रूप से घायल हो गई। सदर तहसील के लहरा गांव में श्यामकुंवर पत्नी शिवशंकर की भी गाज गिरने में मौत हो गई। जिले में 17 लोग बेघर हो गए थे। इसमें 9.89 लाख की क्षति हुई। मौदहा तहसील में 2097.210 हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल नष्ट हुई। इसमें 256.38 लाख की क्षति किसानों को उठानी पड़ी। इस तहसील क्षेत्र के बिगहना, मांचा, चकदहा, गुहरिया, खैर, परछा, सिजनौड़ा, सिचौली, सिलौली, कम्हरिया, गहरौली, छिबौली, मदारपुर, भभौरा में भारी नुकसान हुआ। जबकि मौदहा, गुरदहा, करहिया, उरदना का भाग भूभाग आंधी तूफान व ओलावृष्टि की चपेट में आ गया। तहसील राठ में 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक फसलों की क्षति हुई है। इसमें करीब 15 लाख का नुकसान हुआ है। मगर शासनादेश के तहत 50 फीसदी से ऊपर का नुकसान होने पर दैवी आपदा राहत दिए जाने से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकेगी। तहसील सरीला में 16 मकान धराशाई हो गए। 101 ग्रामों में 4.040 परिवार प्रभावित हुए। यहां की 4.968 हेक्टेयर की फसलें नष्ट हुई है। राजस्व विभाग ने इस तहसील में 1186.85 लाख के नुकसान होना बताया। कुल मिलाकर 1458.23 लाख की क्षति हुई है। अपर जिलाधिकारी एचजीएस पुंडीर ने कहा कि बिजली गिरने से हुई मौतों पर दैवी आपदा राशि दे दी गई है। दैवी आपदा के तहत 25 लाख की धनराशि तहसीलों को भेजी जा चुकी है। जिले की दो तहसीलों मौदहा और सरीला के 58 गांवों के 4144 किसान प्रभावित हुए है।
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