बाढ़ सुरक्षा के लिए 5 हजार बोरी बालू रखें

Hamirpur Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। बाढ़ आपदा राहत के लिए लेकर अपर जिलाधिकारी एचजीएस पुंडीर ने अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने बाढ़ सुरक्षा के लिए पांच हजार बोरी बालू, पंपसेट सहित अन्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में अपर जिलाधिकारी ने बबीना झांसी के एपीओ मेजर एंटीनी जोसफ एवं जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बाढ़ सुरक्षा की समीक्षा बैठक की। इस मौके पर बताया कि यमुना नदी के खतरे का बिंदु 103.632 मीटर है। जबकि बेतवा नदी का 104.546 मीटर है। लेकिन बाढ़ के मौके पर 101 मीटर जलस्तर पहुंच जाने पर तत्काल कंट्रोल रूप बनाए जाएंगे। बाढ़ राहत चौकियां काम क रेंगी। बैठक में यह भी विचार विमर्श हुआ कि किस जलस्तर तक सेना के अधिकारियों की मदद ली जानी है। उन्होंने मौदहा बांध के अधिशाषी अभियंता/नोडल अधिकारी बाढ़ राजीव कुमार को निर्देशित किया कि समय रहते तटबंध व बंधियों की मरम्मत करा ली जाए। साथ ही आकस्मिक जरुरत पड़ने की स्थित में कम से कम पांच हजार बालू की बोरियां सुरक्षित रख ली जाएं। साथ ही पंपसेट भी आवश्यकतानुसार सुरक्षित कर लिए जाएं। उन्होंने अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को भी बाढ़ से संबंधित आवश्यक वस्तुओं क ो सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस विभाग से अपेक्षा की बाढ़ के समय वायरलेस सेट पुलिस फोर्स व अन्य सुविधाएं जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस मौके पर मेजर एंटोनी जोसफ ने आश्वासन दिया कि सेना जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत काम करेगी।

Spotlight

Related Videos

VIDEO: अंडर-19 क्रिकेट टीम में 'सचिन' और 'विराट' को देखा क्या

अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप चल रहा है। कप्तान पृथ्वी शॉ की अगवानी में टीम विजयरथ पर सवार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर चुकी है। लेकिन क्या आपको पता है इस टीम में विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर हैं। इस रिपोर्ट में देखिए हम ऐसा क्यों कह रहे हैं।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper