पर्यावरण को संरक्षित करने का काम करें

Hamirpur Updated Thu, 07 Jun 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। धरती पर पर्यावरण को ध्वस्त करने में इंसान सबसे बड़ा दोषी है। मौजूदा समय में इंसान केवल अपने स्वार्थ के लिए चिंतित है। उसे न तो आने वाली पीढ़ियों की चिंता है और न ही पर्यावरण संरक्षण की।
यह बात सिटी फारेस्ट में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित गोष्ठी में बीती शाम जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने कही। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, घटते संसाधन एवं सिकुड़ता वन आवरण पृथ्वी पर जीवन के विनाश का संकेत है। यदि पेड़ न रहे तो पानी भी नहीं रहेगा और यह महाप्रलय का कारण होगा। पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी सिर्फ सरकारी कर्मचारी की नही बल्कि हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व है कि वह जल, जंगल, जमीन व वन्य जीव संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अपना योगदान दे। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक संख्या में पौध लगाने और सुरक्षा करने का आह्वान किया है। उन्होंने सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग कर पर्यावरण संतुलन बनाने में मदद करें। उन्होंने मौजूद लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी डीके सिंह ने जिलाधिकारी को स्मृति चिन्ह के रूप में वटवृक्ष का पौधे भेंट किया। इस मौके पर सिटी फारेस्ट परिसर में 101 विभिन्न प्रजातियों के पौधो का रोपण किया गया। गोष्ठी में डा.प्रेमगुप्ता, डा.विकास यादव, सीओ सदर अरविंद कुमार पांडेय, परियोजना निदेशक हरिश्चंद्र वर्मा, उप प्रभागीय वनाधिकारी एलके गिरि, अनवर खान, लखनलाल जोशी, स्नेहा सचान, सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जेएफएमसी सदस्य जलीस खान ने किया। इस मौके पर सरदार पटेल बालिका इंटर कालेज के छात्राओं ने संास्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

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