चोखा धंधा है हल्दी की खेती

Hamirpur Updated Tue, 05 Jun 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। चंद्रशेखर कृषक समिति की मासिक बैठक में किसानों ने कहा कि हल्दी की खेती से अन्य फसलों की अपेक्षा चोखा धंधा है।
सोमवार को उद्यान विभाग परिसर में चंद्रशेखर कृषक समिति की मासिक बैठक सुशीलचंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर औडेरा राठ प्रगतिशील किसान कौशल किशोर राजपूत ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से औषधीय खेती कर रहे है लेकिन बीते वर्ष उद्यान विभाग के आर्थिक सहयोग से हल्दी की खेती की। जिसमें उसे इतना लाभ हुआ कि बीते 10 साल में नहीं हुआ। बताया कि वह अश्वगंधा की खेती करते रहे लेकिन बिक्री के लिए कंपनियों पर निर्भर होने की वजह लाभ नहीं मिल रहा है। लेकिन कंदवाली खेती के वह खुद मालिक है। हल्दी के बोने का समय 15 मई से 15 जुलाई तक है। इसके लिए खेत को तैयार करने के लिए एकड़ में 4 ट्राली गोबर की सड़ी खाद, जिप्सम 4 बोरी के साथ 5 कुंतल हल्दी का बीज डालना पड़ता है और यह फसल 8-9 माह में तैयार हो जाती है। इस वर्ष किसानों को प्रति हेक्टेयर पर 50 कुंतल की पैदावार मिली है। जिससे प्रति एकड़ 60 हजार रुपए का मुनाफा आया है। इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र कुमार ने किसानों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही बाग लगाने, ड्रिप सिंचाई व स्प्रिंकलर सेट के प्रयोग किए जाने पर बल दिया। बैठक में रामबाबू शिवहरे, लालाराम यादव, मदन गोपाल प्रजापति, रहीम बख्श, कमल द्विवेदी सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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