एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उठाएं किसान

Hamirpur Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। इलाहाबाद बैंक के सहायक महाप्रबंधक एनएम पटेल ने पुराने ऋण खातों पर एक मुश्त समाधान की सुविधा शुरू की है। उन्होंने कहा कि कृषक जिनका ऋण खाता एनपीए श्रेणी में है और उसके पास ऋण अदायगी के पर्याप्त संसाधन नहीं है। उन्हें ऋण राशि में बैंक द्वारा निर्धारित सीमा तक छूट दी जाएगी। साथ ही तत्काल ऋण प्रदान किया जाएगा। ताकि संबंधित किसान अपनी व्यवसायिक व घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति कर सके।
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बैक के एजीएम ने बताया कि ऐसे केसीसी के ऋण खातेदार जो नियमित बैंक से लेनदेन कर रहे है। उन्हें तीन लाख रुपए तक राशि में 4 फीसदी ब्याज लिया जाएगा। बताया कि ऐसे किसानों से पहले 10.50 फीसदी ब्याज लिया जा रहा है। कहा कि नियमित लेनदेन करने वाले किसान को 6.50 फीसदी ब्याज का फायदा मिलेगा। नियमित लेनदेन करने वाले केसीसी खाता धारक को दैवी आपदा के समय राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अंतरगत मुआवजा मिलेगा। खाता नियमित संचालन से कृषकों को प्रत्येक वर्ष बढ़े हुए फसली ऋण वित्तमान के अनुसार ऋण सीमा बढ़वाने का अवसर मिलेगा। बैंक की अक्षय कृषि योजना में कृषकों को 5 लाख तक फसल उत्पादन के लिए कार्यशील पूंजी एवं 5 लाख पूंजीगत व्यय आसान किश्तों पर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केसीसी खातों पर बीते 1 दिसंबर 2011 से प्रोसेसिंग शुल्क, जमीन बंधन शुल्क एवं डाक्यूमेंटेशन शुल्क में छूट है। ऋण खाते अनियमित रहने पर 3 वर्षो के बाद किसानों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
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