बच्चों समेत जा रही थी मायके और चली गई मौत के मुंह में

Hamirpur Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
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कुरारा मार्ग पर दर्दनाक हादसा
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हमीरपुर। नोखेलाल का भला क्या पता था कि वह अपने कलेजे के दोनों टुकड़ों को पत्नी समेत उसके मायके नहीं, बल्कि जीवन की अंतिम यात्रा पर रवाना कर रहा है। कुछ ही दूर पर तीनों का मौत इंतजार कर रही थी। हादसे में ट्रैक्टर चालक भी चल बसा।
शुक्रवार अपराह्न साढ़े तीन बजे शहर कोतवाली क्षेत्र में कुरारा मार्ग पर ट्रैक्टर ट्राली पलटने से नोखेलाल के पत्नी-बच्चों की जान चली गई। सुमेरपुर के गांव बिदोखर निवासी नोखेलाल कुटार ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से अपनी ससुराल थाना कुरारा के पारा गांव में रहता है। वह परिवार के साथ घाटमपुर के पटेल ब्रिक फील्ड में ईट पथाई करने गया था। वह पत्नी-बच्चों और गृृहस्थी का सामान लेकर ससुराल जा रहा था। सामान अधिक होने पर वह ट्रक से मुख्यालय तक आ गया। उसे क्या पता था कि वह पत्नी, बच्चों को पारा गांव नहीं, मौत के मुंह में भेज रहा है।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली प्रभारी ओपी तिवारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और आला अधिकारियों को सूचना देने के बाद एंगल हटाकर शवों को निकलवाया। बाद में उप जिलाधिकारी रामवीर सिंह और सीओ अरविंद पांडेय ने भी रानी लक्ष्मीबाई तिराहे के पास घटना स्थल का जायजा लिया।
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