अब 30 जून तक गेहूं की खरीद

Hamirpur Updated Thu, 31 May 2012 12:00 PM IST
भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। मंडी समिति के गेहूं खरीद केंद्राें का जायजा लेने आए संभागीय खाद्य नियंत्रक राधेश्याम मिश्रा ने कहा कि गेहूं की खरीद 30 जून तक जारी रहेगी। छोटे किसानों का गेहूं प्राथमिकता के आधार पर तौला जाएगा। उन्होंने माना है कि खरीद केंद्रों पर बड़े किसानों का कब्जा है। बड़े किसान केंद्र प्रभारी पर दबाव बनाने के लिए फर्जी शिकायतें करते है। इस तरह के मामलों की वह जांच कर कार्रवाई कराएंगे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीते सप्ताह खरीद केंद्राें का जायजा लेकर वहां की कमियां पकड़ी थीं। इस पर उन्होंने बड़े अधिकारियों को खरीद केंद्राें का निरीक्षण करने के आदेश दिए। इसी के चलते बुधवार को संभागीय खाद्य नियंत्रक राधेश्याम मिश्रा, एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक रवि शास्त्री, पीसीएफ के रीजिनल मैनेजर बीके सिंह, एफसीआई के क्वालिटी मैनेजर आर ए शुक्ला ने खरीद केंद्रों पर पहुंचे और वहां की गड़बड़ियों को देखा। इस मौके पर किसानों ने कई दिनों से डेरा डाले होने की बात कही। इस पर उन्होंने कहा कि 30 जून तक खरीद जारी रहेगी। प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि छोटे किसानों की तौल प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी। जिन केंद्रो पर बारदाना की कमी होगी। वहां दूसरे केंद्राें से मंगवा कर उसकी पूर्ति होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि खरीद केंद्रो पर बड़े किसानों का कब्जा है। जिसके चलते छोटे किसान परेशान हो रहे हैं। बड़े किसान केंद्र प्रभारियों पर दबाव बनाने के लिए फर्जी शिकायतें करते है। जिनकी जांच कराई जा रही है। अगर शिकायतें झूठी पाई गई तो शिकायत कर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करवाई होगी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में गेहूं खरीद पर क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी केंद्र प्रभारी नौ नंबर जाली से छानकर ही गेेहूं को लें।
केंद्रों में बिचौलियों के दबदबे की मिलीं शिकायतें
हमीरपुर। गेहूं खरीद केंद्रों में बिचौलियों के कारनामों की शिकायतें मिल रही हैं लेकिन घटतौली की शिकायतें कम हुई हैं। इस बार तीन सरकारी एजेंसियां ही गेहूं खरीद कर रही है। उधर सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं की क्वालिटी के लिए मंडी से उपलब्ध छन्नो का उपयोग करने पर किसानों के हंगामे की शिकायतें मिल रही हैं।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 26 केंद्र हैं। जिसमें पीसीएफ के 15, हॉट शाखा के 8 व यूपी एग्रो के 3 केंद्र है। इन खरीद केंद्रो के लिए 35709 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिसमें पीसीएफ पर 11082 एमटी व एग्रो का 3694 एमटी तथा हॉट शाखा का 19702 एमटी निर्धारित किया है। इसके सापेक्ष दो माह में पीसीएफ ने 12393 एमटी व एग्रो ने 4570 एमटी गेहूं खरीद की गई। इसके चलते पीसीएफ प्रबंधक ने लक्ष्य पूरा होने की बात कह खरीद बंद करा दी थी लेकिन डीएम ने दोबारा खरीद जारी रखने के निर्देश दिए है। जबकि हॉट शाखा ने लक्ष्य के मुकाबले 13292 एमटी गेहूं खरीद की है। जो अभी खरीद से साढे़ 6 हजार एमटी लक्ष्य से कम है। इन संचालित केंद्रों से अभी तक 5134 किसानों को लाभ मिला है। बिचौलियों की शिकायतें मिलने पर जिले के प्रशानिक अधिकारी खरीद कें द्रो में पहुंच कर लगातार मानीटरिंग कर रहे है। इधर सतर्क प्रशासन ने गेहूं खरीद में लापरवाही बरतने वाले तीन कें द्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। साथ ही कें द्रों पर आ रही शिकायतों क ो देखते हुए उपजिलाधिकारियों को प्रतिदिन निरीक्षण कराए जा रहे है। अधिकारियों का मानना है कि कुछ बड़े किसान अपना गेहूं बेंचने के चक्कर में फर्जी शिकायतें कर रहे है। कोई भी निजी कंपनी जिले में काम नही कर रही है। व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीद किए जाने का शासनादेश होने के बावजूद एक दर्जन से अधिक व्यापारियों ने गेहूं खरीद के लिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी के पास आवेदन दिए है। लेकिन अभी तक प्रशासन ने इन्हें अनुमति नहीं मिली है। टेढ़ा गांव के किसान रामकिशोर सिंह, गोपी श्याम द्विवेदी, नवीन सिंह, सौरभ सिंह का कहना है कि अगर व्यापारियों को अनुमति दी जाए तो किसानों को सहूलियत मिल सकती है। जिले में गेहूं की क्वालिटी ठीक है। फिर भी सरकारी एजेंसियों द्वारा गेहूं छानकर खरीदा जा रहा है।
पिछले वर्ष गेहूं बेचने वाले किसान आज भी परेशान
हमीरपुर। गेहूं खरीद में निजी कंपनी नैफेड ने किसानों को कहीं का नहीं रखा। अकेले भरुआसुमेरपुर में किसानों का 22.50 लाख से अधिक का भुगतान नहीं हुआ है। इस पैसे को पाने के लिए आज भी किसान परेशान है। मौदहा के नैफेड केंद्र ने भी करीब 30 लाख का चूना लगाया है। मवई के किसान उदित नारायण, रामपुर के श्यामबिहारी पांडेय जैसे तमाम किसानों का कहना है कि निजी कंपनी ने बढ़िया सुविधा देकर तौल तो करा ली। लेकिन जब भुगतान का नंबर आया तो आश्वासन की घुट्टी पिलाकर चलते बने। पूरा साल बीत गया अभी तक भुगतान नहीं मिला है।
टोकन लिए केंद्र में पड़े हैं किसान
ललपुरा (हमीरपुर)। छानी खुर्द में सरकारी गेहूं खरीद केंद्र में कार्य बंद होने से किसान कई दिन से पड़े है। टोकन के बावजूद किसानों की तौल नहीं हो रही है। वहीं केंद्र प्रभारी बारदाना न होने की बात कह किसानों को टरका रहा है।
छानी खुर्द में पीसीएफ के केंद्र पर पौथिया के राजेश सचान, रामदास, अखिलेश, पप्पू, सिब्बू ने बताया कि वह एक हफ्ते से तौल के इंतजार में खरीद केंद्र में रात गुजार रहे है। उसके बावजूद केंद्र प्रभारी उन्हें टरका रहा है। कभी टोकन होने व कभी बारदाना की कमी बताई जा रही है। केंद्र प्रभारी ने अब लक्ष्य पूरा होने की बात कह खरीद करने से ही मना कर दिया।

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