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मुख्यालय की नगर पालिका के लिए 16वां चेयरमैन चुना जाएगा

Hamirpur Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। मुख्यालय की नगर पालिका के लिए 16वां चेयरमैन चुना जाएगा। 54 साल पूर्व मुख्यालय को पालिका का दर्जा तो मिल गया लेकिन अभी भी यह पालिका बी श्रेणी का दर्जा पाने को तरस रही है। कारण स्पष्ट है आबादी मात्र 34456 है। शहर के दो छोरों में नदियां होने से फैलाव नहीं हो सका। जबकि इससे जुड़े गांवों में शामिल करने की पहल अधूरी रही। इस बार पालिका की सीट पर चौथी महिला अध्यक्ष बैठेगी।
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मुख्यालय की नगर पालिका अन्य पालिकाओं से आबादी मेंसबसे पीछे है। जबकि अन्य की आबादी इससे दोगुनी है। 1958 से लेकर अब तक 15 चेयरमैन चुने जा चुके हैं। लेकिन यह पालिका अभी तक अवर्गीकृत है। हालांकि शासनादेश के अनुसार जिला मुख्यालय की पालिका को वर्गीकृत करते हुए बी श्रेणी का दर्जा दिलाए जाने के आदेश है। लेकिन यह कार्य एक भी जनप्रतिनिधि नहीं करा सका। हालांकि पिछले दो वर्ष पूर्व तत्कालीन पालिका अध्यक्ष पुष्पा सचान ने प्रयास किए और स्थानीय विधायक अशोक चंदेल के जरिए पालिका को बी श्रेणी घोषित कराने का प्रयास किया। शासन में यह फाइल आज भी धूल फांक रही है। पूर्व पालिकाध्यक्ष के प्रतिनिधि रहे राजेश सचान कहते है कि पालिका के अवर्गीकृत रहने से मुख्यालय में रहने वालों को तमाम सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। कहा कि सरकारी कर्मचारियों को हाउस एलाउंस नहीं मिल पा रहा है। बताया कि अगर बी श्रेणी पालिका घोषित हो जाए तो अलग से स्टाफ मिलेगा साथ ही अलग से बजट मिलने लगेगा। भिलांवा, मेरापुर, कुछेछा, सूरजपुर, लक्ष्मीबाई तिराहा की बस्ती, रमेड़ी तरौस, ब्रह्माडेरा जैसे गांवों को पालिका में सम्मिलित करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन इस पर किए गए प्रयास बेमकसद रहे।
93 साल के सफर में चुने गए 11 अध्यक्ष
राठ(हमीरपुर)। ब्रिटिश हुकूमत से शुरू हुआ नगर पालिका का सफर 93 साल पूरा करने के बाद 14वां अध्यक्ष चुने जाने के मुकाम पर पहुंच गया है। अब तक नगर पालिका के इतिहास में 11 प्रतिष्ठित लोगों ने अध्यक्ष पद को सुशोभित करते हुए नगर के विकास को नये आयाम दिए। कसबा राठ को ब्रिटिश हुकूमत के दौरान 1919 में नोटिफाइड एरिया का दर्जा मिला था। तब नगर के प्रतिष्ठित जमींदार मुहम्मद अता उल्ला खां साहब को अध्यक्ष चुना गया था। 1925 में सेठ हीरालाल गुप्ता, 1932 में विश्वनाथ नगाइच और 1947 में समाजसेवी लक्ष्मी प्रसाद पाठक नोटिफाइड एरिया केे अध्यक्ष रहे। 1949 में इस कसबे को नगर पालिका का दर्ज मिला और 1953 में नगर पालिका के पहले अध्यक्ष मूलचंद्र शर्मा हुए। इसके बाद 1957 से 1964 तक इस पद विश्वनाथ नगाइच ने सुशोभित किया। इसके बाद पुन: मूलचंद्र शर्मा अध्यक्ष चुने गए जो 1966 तक रहे। इसके बाद नगर के धनाढ्य और शिक्षाविद बाबूलाल नगाइच 1972 तक अध्यक्ष पद पर रहे। 1972 से 1977 तक वंश गोपाल मिश्रा ने नगर पालिका की कुर्सी संभाली। इसके बाद करीब दस साल तक पालिका परिषद का चुनाव नहीं हुआ और प्रशासक नियुक्त रहा। 1988 में पुन: नगर पालिका चुनाव हुए और समाजसेवी डा. गनेशीलाल बुधौलिया ने पांच साल तक पालिका की बागडोर संभाली। 1995 में अनिल अहिरवार भाजपा से अध्यक्ष चुने गए लेकिन वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके और तीन साल बाद ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। 2001 मेें सपा से छविलाल वर्मा और 2006 में सपा की हीरादेवी पालिका अध्यक्ष बनीं। वर्तमान में कसबे की आबादी करीब डेढ़ लाख आंकी जा रही है। जबकि पालिका परिषद के रिकार्ड के अनुसार 65097 है।

1963 में अस्तित्व में आई पालिका
मौदहा (हमीरपुर)। पालिका परिषद के चुनावी इतिहास वर्ष 1963 से शुरू हुआ। पहले पालिका अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल थे। जबकि निवर्तमान अध्यक्ष बिस्मिल्लाबानो रहीं। इस बीच कई अध्यक्ष बने। बीच-बीच में काफी समय तक प्रशासक भी कार्यरत रहे। कसबे में टाउन एरिया की स्थापना आजादी के बाद ही हो गई थी। लेकिन पालिका का दर्जा 20 नवंबर 1965 में मिला। तब रामकृष्ण अग्रवाल अध्यक्ष रहे। फिर उपरौस के हकीमउद्दीन अध्यक्ष चुने गए। उनके खिलाफ अविश्वास आने पर मोहम्मद बाकर व प्रेम अग्रवाल ने पद संभाला। 1971 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने परचम फहराया और गुरुदास मुखर्जी अध्यक्ष चुने गए। फिर इसी दल के फजल अहमद ने कार्य संभाला। 1974 से 77 तक हकीमउद्दीन अध्यक्ष पद पर आसीन रहे। इसी बीच प्रशासन ने भी कार्यभार संभाला। 1988 से जनता से अध्यक्ष चुनाव होने की प्रक्रिया शुरु हुई तो कम्युनिस्ट पार्टी के गुरुदास मुखर्जी अध्यक्ष चुने गए। इनके बाद उपाध्यक्ष रहे बिंदा प्रसाद ने 90 में पद संभाला। फिर वर्ष 92-93 में प्रशासक नियुक्ति कर दिया गया। 93-94 में पुन: बिंदा प्रसाद अध्यक्ष बने। वर्ष 94-95 में पुन: प्रशासक की नियुक्ति हुई। 1995 में अब्दुल खलील चुने गए जो वर्ष 2000 तक कार्य करते रहे। िफर चंचला को अध्यक्ष चुना गया। िफर प्रशासक की नियुक्ति हो गई। 2006 में अब्दुल खलील पालिका अध्यक्ष चुनकर पहुंचे।

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