राठ विधायक पर जानमाल की धमकी का रिपोर्ट दर्ज

Hamirpur Updated Fri, 18 May 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य आशारानी कबीर की तहरीर पर राठ से कांग्रेस के विधायक गयादीन अनुरागी के विरुद्ध जानमाल की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज हो गई है। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद दो दिनों से अनशन पर बैठी आशारानी ने अनशन समाप्त कर दिया। उधर इस मामले को पार्टी को बदनाम करने वाला मानते हुए जिला संगठन की गुरुवार को हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष से आशारानी को कांग्रेस से निकालने की मांग की गई।
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कसबा कुरारा निवासी कांग्रेस की पीसीसी सदस्य आशारानी कबीर ने पार्टी के राठ विधायक गयादीन अनुरागी के खिलाफ बीते मंगलवार को अनशन पर बैठ गई। अनशनकारी महिला ने विधायक पर बीती 22 मार्च को मोबाइल पर धमकाने और पति को उठवा लिए जाने की धमकी देने का आरोप लगाया। कलेक्ट्रेट प्रांगण में आमरण अनशन पर बैठी महिला को समझाने का कांग्रेसियों ने खासा प्रयास किया। पार्टी कार्यालय में समझौता भी हुआ जिसमें महिला ने हस्ताक्षर किए। लेकिन कुछ देर बाद बाद वह फिर न्याय की आस में अनशन पर बैठ गई।
बुधवार को महिला की हालत खराब होने पर अपर जिलाधिकारी एचजीएस पुंडीर और सीओ अरविंद कुमार पांडेय ने अनशन तुड़वाने का प्रयास किया। इस बीच चिकित्सकों की सलाह पर कोतवाली पुलिस ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद रात मेें आशारानी की तहरीर पर कोतवाली में विधायक के खिलाफ धारा 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। पीसीसी सदस्या का कहना है कि वह कांग्रेस की कार्यकर्ता है। उनकी कांग्रेस पर पूरी आस्था है। लेकिन विधायक द्वारा धमकी दिए जाने को बर्दाश्त करना मुश्किल है। इस मामले विधायक गयादीन अनुरागी ने कहा कि उनके पूरे जीवन में कभी किसी भी थाने में किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। कहा कि पार्टी की कार्यकर्ता होने के नाते उन्होंने महिला को जीत की बधाई दी थी। विधायक ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि निहित स्वार्थ के लिए मनगढंत आरोप लगाए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ जिला कांग्रेस की बैठक में सदस्या के कृत्य को पार्टी विरोधी और छवि धूमिल करने वाला बताते हुए एक प्रस्ताव पास करके प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा से आशारानी को संगठन से निकालने की मांग की गई। प्रदेश अध्यक्ष को किए फैक्स में कहा गया कि आशारानी संगठन के लिए नासूर बन चुकी हैं तथा उक्त विवाद में हुए समझौते से भी मुकर चुकी हैं। बैठक में केशव बाबू शिवहरे, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र निषाद, योगेंद्र सचान, लक्ष्मीकांत, नरेंद्र जायसवाल, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
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