कर्ज की रकम फंसने से बजट रोका

Hamirpur Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा ऋण लेने के बाद लाभार्थियों ने कर्ज की अदायगी नहीं की है। जिसके चलते लाखाें रुपया लाभार्थियों पर बकाया हो गया है। वसूली न होने से विभाग को नया बजट नहीं मिल रहा है। जिसके चलते नए बेरोजगारों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग पिछड़ी जाति के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के लिए ऋण योजना चलाता है। इस योजना के तहत लाभार्थी को विभाग से ऋण दिया जाता है। मुस्करा निवासी संतोष ने 2005 में मिठाई की दुकान के लिए 38 हजार का ऋण लिया। जिसमें उसने शुरूआती दौर पर 6500 रुपए का ऋण लौटाया था। उसके बाद ऋण अदा नहीं किया। मौजूदा समय में उस पर करीब 45 हजार रुपया बकाया है। इसी तरह यहीं के रामगोपाल ने लोहे की दुकान के लिए 66500 रुपए का ऋण लिया लेकिन एक भी किस्त नहीं दी और उस पर करीब 90,000 रुपया बकाया है। राठ क्षेत्र के धमना गांव के शिवकुमार ने 2002 में गुड़ कोल्हू उद्योग के लिए 85,500 रुपया ऋण लिया। इसने शुरूआती दौर में 8000 रुपया लौटाया। उसके कोई किस्त नहीं दी। जिसके चलते इसके ऊपर 1.20 लाख रुपए बकाया है। मुंडेरा गांव के सुरेश ने 2003 में खाद की दुकान के लिए 76000 रुपए का लोन लिया। इसने 2007 तक 24 हजार रुपए वापस किए। इसके बाद कर्ज नहीं दिया। इस पर विभाग का करीब एक लाख रुपया बकाया है। मुस्करा के छोटेलाल कुशवाहा पर 1.11 लाख व कैलाश रानी पर 38000 रुपए, गोहांड क्षेत्र के बरूआ गांव निवासी बीरेंद्र कुमार पर 80 हजार, राठ कसबा निवासी हरनारायण पर 1.20 लाख, पतारा निवासी रामकिशुन पर 44872 रुपए, मौदहा के मराठीपुरा निवासी शांतिदेवी पर 50 हजार का कर्ज है। उधर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी हरीश कुमार तिवारी ने बताया कि बकाएदारों को कई बार नोटिस दिया गया है। एक मौका और दिया जा रहा है। इस बार कर्ज अदा नहीं करने पर आरसी जारी की जाएगी।

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