बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

कहना आसान लेकिन अपनाना कठिन

Hamirpur Updated Thu, 17 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

हमीरपुर। आज लोग बड़े गर्व से हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में सब भाई भाई का नारा लगाते है परंतु सच्चाई यह है कि सगे भाई भाई-भाई नहीं है। हम एक पिता की सब संतान कहना तो आसान है किंतु अपनाना बहुत कठिन।
विज्ञापन

यह बात नगर के विवेक नगर मोहल्ला के अधिवक्ता रामकृपाल सिंह गौर द्वारा आयोजित निरंकारी सत्संग सम्मेलन में महात्मा क्रांतिकुमार निरंकारी ने कही। उन्होंने कहा कि लोग अपने हाथ की बनी मूर्तियों में तो अटूट श्रद्धा करते है। किंतु भगवान की बनाई हुई इन चैतन्य मूर्तियों से अमीर गरीब, ऊंच नीच, गोरा काला के कारण घृणा, द्वेष, वैर व शत्रुता का भाव हृदय में भरे हैं। इसी के चलते समाज में एकता, अखंडता व समरसता देखने को नहीं मिलती है। एक यहीं मिशन ऐसा है कि जहां ढोंग पाखंड से दूर रहकर नर सेवा व नारायण पूजा का पाठ पढ़ाया जाता है। इस मौके पर डा.सुशील कुमार, देशराज रचनाकर, माता रानी देवी, विजय लक्ष्मी, उर्मिला द्विेवेदी, सरिता गुप्ता, मंगेश लता खरे मौजूद रहे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us