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प्रधानों व सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

Hamirpur Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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उप निदेशक पंचायती राज को पेयजल पाइप लाइनें ध्वस्त मिलीं
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58 हजार स्वच्छ शौचालय नहीं मिल रहे ढूंढे
हमीरपुर। चित्रकूट धाम मंडल के पंचायती राज के उपनिदेशक एके सिंह ने गांवों का भ्रमण कर स्थलीय निरीक्षण किया। जिसमें ग्राम पेयजल योजनाओं की स्थिति बदहाल पाई। वहीं ग्राम सचिवालयों की स्थिति भी उन्हें दयनीय मिली। इस पर उन्होंने संबंधित प्रधानों व सचिवों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए है। साथ ही समीक्षा बैठक में 2003 से अब तक के शेष 58 हजार शौचालय ढूंढे नहीं मिल रहे है। इस मामले में जांच के बाद लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए है।
पंचायती राज उप निदेशक एके सिंह ने 4 व 5 मई को जिले का भ्रमण किया और विभागीय कार्यो की समीक्षा बैठक के साथ स्थलीय निरीक्षण भी किया। जिसमें कुछेछा गांव के ग्राम पेयजल योजना का जायजा लिया। जिसमें अधिकांश पाइप लाइन ध्वस्त पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। प्रधान ने बताया कि जल निगम द्वारा घटिया पाइप लाइन डाले जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस पर उपनिदेशक ने कहा कि तेरहवें वित्त आयोग की धनराशि से पेयजल योजनाओं के रखरखाव को दुरुस्त रखा जाए। इसी तरह देवगांव की पेयजल योजना का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान नलकूप चालक पवन तिवारी ने बताया कि पानी की टंकी में लगी हुई पाइप लाइन का वाल्व तथा स्टार्टर खराब है। लेकिन प्रधान व सचिव द्वारा धनराशि नही उपलब्ध कराई जा रही। इस पर उन्होंने प्रधान व सचिव से नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल धनराशि उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सिमनौड़ी के ग्राम सचिवालय का निरीक्षण किया। पाया कि दो वर्ष पूर्व बीआरजीएफ योजना से बना यह सचिवालय ग्राम पंचायत को हैंडओवर होने के बाद भी इसकी देखरेख व रखरखाव नहीं किया जा रहा है।उन्होंने पंचायत सचिव को दोषी मानते हुए रखरखाव किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ शौचालयों को लेकर समीक्षा बैठक की। जिसमें वर्ष 2002 से अब तक के बीपीएल लाभार्थियों के लिए 84 हजार शौचालयों के लिए धनराशि अवमुक्त किए जाने के बाद अभी तक सिर्फ 27 हजार शौचालयों की सूची उपलब्ध कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि शेष 58 हजार शौचालयों की सूची ग्राम पंचायत वार तैयार की जाए तथा इनका सत्यापन जिलाधिकारी के स्तर से अधिकारियों को नामित कराकर कराया जाए। कहा कि जिन ग्राम पंचायतो की धनराशि सुरक्षित हो तथा कार्य न प्रारंभ किया गया हो उसका भी विवरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने धनराशि व्यय हो जाने के बाद भी शौचालय निर्माण न कराए गए वहां के प्रधान व सचिवो के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी डीआर कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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