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अभय की सफलता पर सभी को नाज

Hamirpur Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। ‘बेटे ने जो खुशी दी, उसे बया करना मुश्किल है’। ऐसा कहते-कहते मां विजयलक्ष्मी के खुशी के आंसू छलक पड़े। देश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी सेवा (आईएएस) में बेटे अभय के चयन की खबर पाकर मां विजयलक्ष्मी व पिता आरके सिंह खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। इतना ही नहीं आस पड़ोस से लेकर दूसरे मुहल्लों में जैसे-जैसे यह खबर फैलती जा रही है कि उनके बीच का ही लाडला आज भारतीय प्रशासनिक सेवा में आ गया है, सभी गर्व महसूस कर रहे हैं।

मौदहा तहसील क्षेत्र के बिहरका गांव में जन्में अभय का आईएएस में चयन हो जाने से जिले भर में खुशी की लहर है। अभय ने कहा कि वह देश सेवा की भावना के साथ आम आदमी की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे। बिहरका गांव निवासी आरके सिंह मौजूदा समय में कानपुर के किदवई नगर स्थित राष्ट्रीय इंटर कालेज में प्रधानाचार्य हैं। उनके युवा पुत्र अभय सिंह ने आईएएस में स्थान पाकर जिले का नाम रोशन किया है। अभय ने वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर से हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 96 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण करने के बाद 2007 में इलाहाबाद से बीटेक किया।

मौजूदा समय में वह दिल्ली में सी डॉट कंपनी में रिसर्च इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता आरके सिंह का कहना है कि उन्हें जीवन की सबसे बड़ी खुशी मिली है। जबकि मां विजयलक्ष्मी सिंह ने कहा कि बेटे ने जो खुशी दी, उसे बया करना मुश्किल है। वहीं मुख्यालय में निवास कर रहे मामा वीपी सिंह का कहना है कि जब उन्हें अपने भांजे के आईएएस बनने की खबर मिली तो वह खुशी के मारे अपने आंसुओं को नही रोक सके ।

देश सेवा का है जज्बा
आईएएस अभय सिंह ने कहा कि देश का कानून बहुत अच्छा है। वह राष्ट्र की सेवा करने के साथ आम आदमी की समस्याओं के लिए प्राथमिकता से काम करेंगे। उनके चयन होने से परिवारी जनों को लोग बधाई दे रहे है।

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