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इनायत शहीद बाबा के उर्स पर हुआ मुशायरा

Hamirpur Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
मौदहा (हमीरपुर)। हुसैनगंज कपसा रोड में स्थित हजरत इनायत शहीद बाबा के उर्स में ऑल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन हुआ। जिसकी सदारत हाजी सूफी मुख्तार अहमद निजामी व निजामत कलीम कानपुरी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में फतेहखान मौजूद रहे। मुशायरे में एक दर्जन से अधिक शायराें ने शिरकत की। वहीं सामईन ने पूरी रात शायराें को वाह वाह की दाद से नवाजा।

इस मौके पर जमील खैराबादी ने पढ़ा-इंसानियत के मूनिसो खमख्वार आ गए, बेआसरो के वास्ते सरकार आ गए। शकील आरफी फरूखाबादी ने पढ़ा- मेरे कंधो पे रहे जुल्फे नवी की खुशबू, काशतैबा के खजुरो की हवा हो जाऊ। कलीम कानपुरी का शेर यूं था- रसूले खुदा का है यूमे विलायत, दो आलम के चेहरे पे नूर आ रहा है। कासिम नदीमी ने पढ़ा- अल्लाह ये ख्वाहिश है अजल आने से पहले हो जाए मेरा शहरे मदीना का सफर भी। यावर मौधवी ने पढ़ा- खत्म हो गई जिस जगह रिफअतो की सारी मंजिले, मर्तबा तो देखिए जरा आप उसके पार हो गए। वारिस वारसी मेरठ ने पढ़ा रोशनी मुकम्मल है जिसकी हर जमाने में वो चिराग उतरा है हाशमी घराने में। इसी तरह फैय्याद मौधवी, अजहर प्रतापगढ़ी, सरवर कमाल झांसी, अतीक फतेहपुरी, जीशान इलाहाबादी, सादिक रजा उन्नाव, आमिर मसूदी बांदा ने अपने कलाम पेश किए। अंत में मसीह निजामी, हमीद ड्राईवर व सुज्जू नेता ने सभी का शुक्रिया अदा किया।

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