कालीन उत्पादन पर तैयार की जा रही पुस्तक

Bhadohi Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
भदोही। भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के सहयोग से केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, सामान्य रोजगार व प्रशिक्षण निदेशालय के अधीन नेशनल इंस्ट्रक्शनल मीडिया इंस्टीच्यूट (नीमी) चेन्नई कालीन उप्तादन से जुड़ी तमाम विधाओं पर पुस्तक तैयार कर रहा है। अलग-अलग 22 विषयों पर पुस्तक तैयार करने के लिए 24-25 अगस्त को आईआईसीटी में एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें पुस्तकों के अंश पर लंबा विचार विमर्श हुआ।
कार्यशाला में नीमी के अधिकारियों सुधारक वर्मा और शुभंकर भौमिक ने बताया कि कालीन उत्पादन की विधा अब कौशल आधारित हो गई है। यह कौशल किसी कालीन बुनकर को धीरे धीरे तो आ सकती है लेकिन किसी पुस्तक के माध्यम से वह स्वत: इस कौशल को सीख सकता है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इसी कार्य हेतु नीमा को लगाया है जो आईआईसीटी के सहयोग से कालीन बुनाई पर पुस्तक तैयार करेगा। श्री भौमिक ने यह साफ किया कि यह पुस्तक तैयार होने के बाद मामूली कीमत में बुनकरों के लिए उपलब्ध होगी।
पुस्तक के बारे में उन्होंने बताया कि इसमें थीयरेटिकल कम और प्रैक्टिकल अधिक होगा। पुस्तक में अधिक से अधिक बातें लिख कर नहीं बल्कि बनाकर समझाई जाएंगी ताकि बुनकर उसे आसानी से सीख सकें। पुस्तक के कंटेट पर आज आईआईसीटी और नीमी का दो दिवसीय संयुक्त कार्यशाला समाप्त हो गया। इसमें प्रो.एसके पाल के नेतृत्व में आईआईसीटी का 22 फेकल्टी स्टाफ शामिल हुआ जिन्होंने पुस्तक पर चर्चा की। कार्यशाला के समापन में एकमा के मानद सचिव, तनवीन हुसैन अंसारी ने भी अपने अमूल्य विचार दिए। परिचर्चा में संस्थान के निदेशक, प्रो.केके गोस्वामी ने कहा कि विभिन्न सेक्टरों के लिए इस तरह की पुस्तकें तैयार की जा रही है। कहा कि इस तरह की प्रैक्टिकल आधारित पुस्तक कालीन सेक्टर के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।

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25 मई 2018

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