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अलविदा की नमाज से पूर्व मस्जिदों में हुई तकरीरें

Bhadohi Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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औराई/गोपीगंज। अलविदा जुमा की नमाज से पूर्व जिले भर की मस्जिदों में इमामों ने तकरीर कर मुसलमानों को नेक रास्ता अपनाने की अपील की। समय से पहले मस्जिदों में पहुंचे रोजेदारों, मुसलमानों ने इमामों की तकरीरों को इत्मीनान पूर्वक सुना। घोसिया स्थित बाबा लतीफ शाह मस्जिद में तकरीर करते हुए मौलाना मोबिन अहमद ने कहा कि ईद खुशी का भी दिन है और गम का भी दिन है। बताया कि ईद के दिन मदीने शरीफ में लोग हजरते उमर फारूक रजि. अन्हो की दरबार में हाजिर हुए तो आप दरवाजा बंद कर जारो कतार रो रहे थे। लोगों ने हैरान हो करअर्ज किया कि या अमीरूल मोमिनीन आज तो ईद का दिन है खुशी का दिन है, खुशी की जगह रोना कैसा। हजरत उमर फारूक ने आंसू पोछते हुए फरमाया ऐ लोगों यह ईद का दिन है और वहीद का दिन है। आज जिनके नमाज रोजा कबूल हो गए बिलासुबा उसके लिए ईद का दिन है। जिनके नमाज रोजा मरदूद करके उसके मुंह पर मार दिया गया है। उसके लिए वईद का दिन है मैं इसी खौफ से रो रहा हूं। इस मौके पर डा. अख्तर अली, एनुल हक, हाजी मोहम्मद गाजी, निसार अहमद, इम्तियाज, इख्तियार आदि मौजूद रहे। इसी तरह गोपीगंज में भी जामा मस्जिद में मौलाना निजामुद्दीन ने तकरीर की। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील किया कि गरीब, मिस्किीन और यतीम बच्चों को नया कपड़ा पहना कर उनकी मदद करते हुए ईद मनाएं। इसके बाद नमाज खत्म होने पर इमाम ने नगर, मुल्क की खुशहाली, तरक्की और अमन चैन की दुआ मांगी। लोगों ने आमीन कहकर अल्लाह पाक से दुआ कबूल कर लेने की इल्तिजा की।
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