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मां-बेटी को मिलाने में लगे रहे निर्यातक

Bhadohi Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
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भदोही। आठ वर्ष की नीलू के प्रति यदि नगर के कालीन निर्यातक हाजी अयूब अंसारी ने सहृदयता न दिखाई होती तो शायद नीलू अभी भी भदोही की सड़कों पर भीख मांग रही होती। श्री अंसारी को किसी नजदीकी ने बताया था कि नईबाजार के जाहिदपुर में एक 8 वर्ष की बालिका खुद को नई दिल्ली का बताती है और यह भी बताती है कि दो साल पहले कुछ लोग उसे बहला फुसला कर उठा ले आए थे।
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इतना सुनना भर था कि श्री अंसारी उस बालिका के माता पिता की मनोस्थिति भांप उनकी लड़की को वहां तक पहुंचाने का संकल्प ले लिया। बीते शनिवार को वे खुद जाहिदपुर गए और नीलू की फोटो लेकर और उससे बातचीत कर लौटे। उन्होंने फोटो दिल्ली में पढ़ रहे अपने बेटे को मेल उसे लड़की के माता पिता को ढूंढ निकालने का जिम्मा दे दिया। उनके बेटे ने मालवीय नगर थाने से संपर्क किया तो मालूम हुआ कि बालिका का नाम अपहृत बच्चों की सूची में दर्ज है। उसकी फोटो का भी मिलान हो जाने के बाद पुलिस ने नीलू के माता पिता को भी सूचना दे दी कि उनकी बेटी भदोही में ट्रेस कर ली गई है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हाजी अयूब अंसारी से भी फोन पर बातचीत कर भदोही आने की तारीख बता दी। बृहस्पतिवार को बालिका के माता पिता के साथ जब दिल्ली पुलिस भदोही आई तो उनकी मदद करने के लिए श्री अंसारी खुद जाहिदपुर गए जहां के प्रधान सुरेंद्र यादव के घर पर भारी मजमा लग गया था।

बालिका के पिता अख्तर आलम ने यहां आधा दर्जन ऐसे नटों को पहचाना जो समय समय पर दिल्ली मालवीय नगर जाते और कुछ दिन रहकर लौट आते। नट वहां भीख मांगने का धंधा करते हैं और अख्तर आलम के घर के आस पास ही सड़क किनारे सोते भी थे। लड़की के पिता ने बताया कि बेटी के गायब होने के बाद इनमें से कइयों से उन्होंने अपनी बेटी के बारे में पूछताछ भी की थी। उधर पुलिस ने सुरेंद्र प्रधान के घर पर आवश्यक लिखापढ़ी और गवाहों के हस्ताक्षर कराकर बेटी को अभिभावकों को सौंप दिया।

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