हजयात्रा का गाइड लाइंस का पालन करना जरूरी

Bhadohi Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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भदोही। राज्य हज कमेटी के निर्देश पर मंगलवार को पीरखांपुर स्थित मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म में जनपद से हज पर जा रहे हजयात्रियों को हज संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। पहली बार जिले के हजयात्रियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया जिसके लिए विशेष रूप से वाराणसी के विषेष ट्रेनर मो.अदनान को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने बताया कि हज कमेटी द्वारा मिले गाइडलाइंस का पालन करना बेहद जरूरी होता है।
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मो.अदनान ने बताया कि आम तौर पर पहली बार हज पर जा रहे लोगों के लिए हवाई सफर भी पहला ही होता है। इसलिए लोगों का जानना जरूरी है कि एक यात्री केवल 30 किलो लगेज और 10 किलो हैंडबैग साथ ले जा सकता है। मौलाना अब्दुस्समद जेयाई ने बताया कि सऊदी अरब में कदम रखने के बाद हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि उनके पास उनके कवर नंबर और सऊदी का पता इत्यादि उनके साथ हो ताकि कोई समस्या होने पर कोई भी व्यक्ति तत्काल उनकी मदद कर सके। कहा कि बीमारी की हालत में वहां किसी को परेशान नहीं होना है और हज कमेटी का स्वास्थ्य शिविर में कोई भी जानकर मुफ्त में दवा प्राप्त कर सकता है।
एक खास बात जो मौलाना अब्दुस्समद ने बताई वह यह थी कि हज पर जाते समय बहुत से लोग वहां खाना बनाने की नीयत से स्टोव समेत खाने पीने का सामान ले जाते हैं जिस पर पूरी तरह से पाबंदी है। उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब में लगभग सभी देशों का खाना आम मिलता है इसलिए लोगों को खालिस सारा वक्त अल्लाह तआला की इबादत में ही लगानी चाहिए। शिविर में आए दर्जनों हजयात्रियों को हज कमेटी से मुहैया कराई गई पुस्तकें वितरित करने के अलावा प्रशिक्षण संबंधी प्रमाण पत्र दिया गया। शिविर हाजी यूसुफ इमाम की देखरेख में चला। मुख्य रूप से अब्दुल सत्तार अंसारी, शाहआलम अंसारी, मो.हलीम प्रधान, कुतुबउद्दीन अंसारी, मोहब्बत अली, अब्दुल अलीम, मो.फैसल, एकबाल हसन आदि हुज्जाज की सेवा करने में प्रबंधक तौकीर अंसारी, हाजी शाहिद हुसैन, हाजी सौदागर अंसारी, हाजी इश्तियाक, अनीस अंसारी, हाजी मु.सनाउल हक, हसीन सिद्दीकी, अनवर रसूल, लईक अहमद, जावेद रहमत आदि लगे रहे।
हजरत शहीद बाबा का सालाना उर्स आज
भदोही। मोहल्ला कजियाना स्थित हजरत शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स बुधवार, 18 जुलाई को मनाया जाएगा। उर्स की शुरूआत सुबह कुरआन ख्वानी से होकर देर रात चादरपोशी के साथ खत्म होगी। उर्स कमेटी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार कुरआन ख्वानी के बाद दोपहर में लंगरे आम, बाद नमाज असिर गागर उठने के साथ मगरिब की नमाज के बाद चादर पोशी होगी।
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