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विद्युत कटौती के विरोध में छात्रों का चक्काजाम

Bhadohi Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। अनियमित विद्युत कटौती सहित सड़क पर जल जमाव और जर्जर सड़क की मरम्मत न होने के विरोध में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने पटेल नगर में ज्ञानपुर-भदोही मार्ग जाम कर दिया। तहसील दिवस से गुजर रहे जिलाधिकारी ने समझा बुझाकर जाम समाप्त कराया और प्रतिनिधि मंडल से बातचीत कर समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।
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ज्ञानपुर नगर सहित पूरे इलाके में गलत रोस्टर से विद्युत आपूर्ति और रात्रिकालीन विद्युत कटौती न बंद करने के विरोध में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने पटेल नगर में ज्ञानपुर-भदोही मार्ग पर जाम लगा दिया। सड़क जाम दो घंटे तक चला। भदोही से तहसील दिवस से लौट रहे जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी भी जाम में फंस गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पत्रक लिया और अपने कार्यालय में प्रतिनिधि मंडल से बातचीत की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक एके शुक्ल, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार मिश्र सहित प्रतिनिधि मंडल के सदस्य मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने एक्सईएन को निर्देश दिया कि अनियमित विद्युत कटौती बंद की जाए। विद्युत आपूर्ति का जो समय निर्धारित है उसकी सूचना तहसील, दीवानी न्यायालय, जिला मुख्यालय और विद्युत विभाग के कार्यालय पर चस्पा किया जाए ताकि आम जनता को यह मालूम हो सके कि बिजली कब से कब तक रहेगी। साथ ही उन्होंने विद्युत आपूर्ति की रोजाना रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। रात्रिकालीन विद्युत कटौती बंद करने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने का भी निर्देश दिया। साथ ही एक्सईएन लोक निर्माण से फोन पर बात करके पटेल नगर में हुए जल जमाव और जर्जर सड़क की समस्या को दूर करें। बरसात खत्म होते ही मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाए। इस मौके पर कांग्रेस के जिला महासचिव सुरेस चंद्र उपाध्याय, छात्रनेता मनीष पांडेय, रमेश चंद्र यादव ददा, राकेश यादव, आदर्श कुमार सिंह, लवी ठाकुर, राजेंद्र बघेल, विनय दूबे, मुलायम यादव, अनिल यादव, छोटेलाल, शानू उपाध्याय, अरुण दलित आदि मौजूद रहे।
फोटो
नागरिकों ने किया विद्युत विभाग पर प्रदर्शन
जिला प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
रात्रिकालीन विद्युत कटौती पर फूटा नागरिकों का आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। रात्रिकालीन विद्युत कटौती और अघोषित विद्युत कटौती के विरोध में नागरिकों ने पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड के दफ्तर पर धरना प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि विभागीय लापरवाही के चलते जिले में जबर्दस्त विद्युत कटौती की जा रही है। रोस्टर का पालन न करते हुए मनमानी तरीके से आपूर्ति हो रही है। रात्रि में विद्युत कटौती करने से नागरिकों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
बिजली कटौती से आक्रोशित बड़ी संख्या में नागरिकों ने बिजली विभाग पर प्रदर्शन कर विद्युत विभाग मुर्दाबाद और जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि जिले में जिस तरह से विद्युत आपूर्ति की स्थिति बदहाल है पहले ऐसी कभी नहीं थी। प्रदेश में सपा की सरकार होने और जिले की सभी विधान सभा सीटों पर सपा के विधायक होने के बाद भी जिले के लोग अंधेरे में रहने के लिए बाध्य हैं। जन प्रतिनिधियों की निष्क्रियता के चलते अधिकारियों का मनोबल बढ़ गया है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी इसका कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है। रात में दस बजे से कटौती कर दी जाती है और रात में कब आती है इसका कोई ठिकाना नहीं रहता। बरसात और गर्मी का मौसम होने के कारण लोग ऊमस के बीच रात बिताने के लिए बाध्य हो गए हैं। जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों का जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं रह गया है। इस मौके पर बबलू श्रीवास्तव, शारदा मोदनवाल, पवन, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, सोनू अंसारी, कल्लू मौर्य, अन्ना बिंद, जितेंद्र गुप्ता, संजय पाल, अमिरेंत श्रीवास्तव, भुल्लन मास्टर, विष्णु, रामबली यादव, लालचंद्र, मनोज, राजू मोदनवाल, पप्पू अंसारी आदि मौजूद रहे।

अघोषित कटौती से ग्रामीणों की परेशान
72 घंटे से तीन फीडरों के सैकड़ों गांव अंधेरे में
नुकसान झेल रहे ग्रामीणों ने बनाया आंदोलन करने का मूड
संवाददाता
ऊंज। डीघ विकास खंड के अकोढ़ा, पिलखुना और रमईपुर फीडर से विद्युत की पिछले 72 घंटो से की जा रही कटौती से क्षेत्रीय ग्रामीणों को भारी फजीहत उठानी पड़ रही है। गर्मी और ऊमस के चलते उनका हाल ही बेहाल हो गया है। अघोषित विद्युत कटौती झेलने से ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिलखुना, अकोढ़ा और रमईपुर फीडर से क्षेत्र के कई दर्जन गांवों में विद्युत की आपूर्ति की जाती है। कुछ दिनों से चल रही विद्युत आपूर्ति की अनियमितता से ग्रामीण परेशान ही रहते थे। लेकिन, पिछले 72 घंटे से चल रही अघोषित कटौती से ग्रामीण परेशानियों से आजिज आ चुके हैं। कटौती से आजिज ग्रामीण न घर के हो रहे हैं न बाहर के। उनका न कृषि कार्य सुचारु रुप से संपन्न हो पा रहा है न व्यापार और कारखाना संबंधी कार्य ही हो पा रहा है। इससे उनकी हालत दयनीय हो गई है। 72 घंटे से विद्युत कटौती झेल रहे ग्रामीणों में विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर आक्रोश व्याप्त हो गया है। इसके लिए वे विद्युत विभाग के खिलाफ आंदोलन करने के मूड में आ गए हैं। अगर शीघ्र ही जोरों पर की जा रही विद्युत कटौती को बंद कर विद्युत आपूर्ति प्रारंभ न किया गया तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगे। ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन और रात से लगातार हो रही विद्युत कटौती से संचार व्यवस्था के साथ साथ कृषि और व्यापार कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा कटौती से रात में नींद भर सो पाना भी मुहाल हो जाता है। इससे उनके सामने कई परेशानियां उत्पन्न हो जाती है।

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