विज्ञापन

हर रास्ते शिवालय की ओर

Bhadohi Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। सावन के दूसरे सोमवार को कालीन नगरी की आबोहवा शिवमय हो गई। हर-हर महादेव के उद्घोष से मंदिर और शिवालय गूंज उठे। भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकले कांवरियों के जत्थों से सड़कें भगवामय नजर आईं। देवस्थानों में धूप-दीप की भीनी-भीनी सुगंध वातावरण को भक्तिमय बनाती रही। जिले के तकरीब डेढ़ दर्जन प्रमुख शिवालयों पर हजारों श्रद्धालुओं ने महादेव की आराधना की। सेमराधनाथ धाम में 20 हजार से अधिक शिवभक्तों के जलाभिषेक करने का अनुमान लगाया गया। इसमें कांवरियों के अलावा अन्य श्रद्धालु भी शामिल रहे। इसके अलावा ज्ञानपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज के बड़े शिव, तिलेश्वरनाथ, पांडव आदि मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सावन के सोमवार को महादेव के जलाभिषेक के लिए बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिवालयों के गर्भगृह फूल, माला, बेलपत्र और धतूरे से पट गए। ज्ञानपुर जिला मुख्यालय की सड़कें सोमवार को कांवरियों और शिवभक्तों की भीड़ से पटीं नजर आईं। गोपीगंज-ज्ञानपुर-भदोही मुख्य मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। शिवालय घंटै-घड़ियाल की ध्वनि से गूंजते रहे। महिलाओं ने व्रत रखकर शिव आराधना की। सुबह से ही मंदिरों में जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया था। घर पर पूजन-अर्चन के बाद महिला श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर गौरीशंकर को श्रद्धा भेंट की। जीटी रोड कांवरियों की भीड़ से गुलजार रहा। उधर काशी में विराजमान विश्वनाथ तो दूसरी ओर सेमराधधाम में जलाभिषेक के लिए कांवरियों का आने-जाने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। शिव मंदिर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ देख एकबारगी लगा कि सभी रास्ते शिवालयों की ओर हो गए हैं। सोमवार के व्रत के कारण फलों की मांग बढ़ गई। इससे उनकी कीमतों में इजाफा हो गया। सामान्य दिनों की अपेक्षा फलों की कीमतें ज्यादा रहीं।

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

70 सालों बाद मिली शारदा पीठ मंदिर के दर्शन करने की अनुमति, जानिए क्या है इतिहास

करतारपुर बॉर्डर के बाद पाकिस्तान ने अब की है शारदा पीठ कॉरिडोर को खोलने की पेशकश,क्या है इस सिद्ध पीठ का महत्व।देखिए खास रिपोर्ट

26 मार्च 2019

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election