तेरस पर जलाभिषेक करने सेमराध पहुंचे कांवरिया

Bhadohi Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर। उत्तर वाहिनी गंगा तट पर स्थित बाबा सेमराधनाथ धाम में देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ गई है। श्रावण मास में तेरस (शिवरात्रि) का महत्व दो दिन का होने के कारण रविवार और सोमवार दोनों दिन बड़ी संख्या में कांवरिया बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं। इसके अलावा सेमराध नाथ धाम में भक्तों का काफी जमावड़ा लग रहा है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।
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उत्तर वाहिनी गंगा तट पर स्थित होने के चलते बाबा सेमराधनाथ महादेव का विशेष महात्म्य है। इसके चलते वर्ष भर यहां श्रद्धालुओं का जमघट लगा रहता है। बाबा सेमराध महादेव का अद्भुत और पौराणिक शिवलिंग जमीन से करीब 15 फीट नीचे कुएं में विराजमान है। श्रावण में पूरे मास यहां मेला लगता है। हजारों की संख्या में कांवरिया बाबा का जलाभिषेक करते हैं। भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल के अलावा एक कंपनी पीएसी पूरे श्रावण मास तक मंदिर परिसर में लगा दी गई है। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य गर्भगृह में सीसी कैमरा भी लगाया गया है। गर्भगृह में भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा इस बार शिवलिंग को स्पर्श नहीं करने दिया जा रहा है। भक्त सिर्फ जलाभिषेक कर रहे हैं। महिला और पुरुष भक्तों को दोनों तरफ बने अलग-अलग मार्गों से बाहर निकाला जा रहा है। 16 जुलाई को सोमवार के साथ ही तेरस का भी महत्व होने के चलते एक दिन पूर्व ही हजारों की संख्या में कांवरिया बाबा का जलाभिषेक करने के लिए सेमराधनाथ धाम पहुंच गए हैं। सैकड़ों की संख्या में कांवरियों ने रविवार को ही बाबा का जलाभिषेक किया। इस श्रावण में तेरस (शिवरात्रि) की तिथि दो दिन की मानी गई है। कैलेंडर के हिसाब से रविवार को तेरस है जबकि उदया तिथि के हिसाब से सोमवार को तेरस पड़ रहा है। इसके चलते सेमराध में दोनों दिन बड़ी संख्या में कांवरियों ने बाबा का जलाभिषेक किया। इसी के चलते सेमराधनाथ धाम स्थित श्रीकल्पवृक्ष कुटी में श्रावण के तेरस के दिन कांवरियों के लिए चलने वाला भंडारा भी इस बार रविवार और सोमवार दो दिन चलाया जा रहा है। श्रीकल्पवृक्ष कुटी आश्रम में स्थित कल्पवृक्ष का नर और मादा वृक्ष भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। पेड़ में इस समय पुष्प भी लगे हुए हैं जिन्हें देखने के लिए भीड़ लगी हुई है। भक्त वृक्षों का दर्शन पूजन कर परिक्रमा कर रहे हैं। मान्यता है कि कल्पवृक्ष के दर्शन पूजन से मन वांछित फलों की प्राप्ति होती है। सेमराध आश्रम के गुरुपद उत्तराधिकारी स्वामी करुणा शंकर दास जी महाराज ने कहा कि इस श्रावण में तेरस की तिथि का मान्य दो दिनों का होने के कारण शिवभक्त कांवरियों के द्वारा बाबा सेमराधनाथ का जलाभिषेक दोनों दिन किया जा रहा है। मंदिर पर साफ-सफाई की व्यवस्था दुुरुस्त न होने से भक्तों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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