मां स्कंदमाता का हुआ विधि-विधान से पूजन

Bhadohi Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर (ब्यूरो)। ज्ञानपुर स्थित सिद्धपीठ बाबा हरिहरनाथ मंदिर के प्रांगण में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के पांचवें दिन शुक्रवार को मां स्कंदमाता का विधि विधान से पूजन किया गया। स्कंद माता स्वामी कार्तिकेय की जननी मानी जाती हैं। इस मौके पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच द्वादस ज्योतिर्लिंग की स्थापना की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए।
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इस मौके पर धर्म मर्मज्ञों ने शिवलिंग का महत्व बताया। यज्ञ करा रहे आचार्य संतोष जी महाराज ने बताया कि दक्ष प्रजापति ने अपने यज्ञ में शिवजी का भाग नहीं रखा। इससे कुपित होकर सती ने खुद को सतीत्व की आग में भस्म कर लिया। शिवजी अत्यंत क्रुद्ध होकर नग्न अवस्था में पृथ्वी पर भ्रमण करने लगे। एक दिन उसी अवस्था में ब्राह्मणों की बस्ती में पहुंच गए। ब्राह्मणों ने उन्हें शाप दे दिया। इसके बाद शिवलिंग के पूजन का विधान शुरू हुआ। शिवलिंग का सविधि पूजन करने से मनुष्य को सब कुछ प्राप्त होता है।
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