गुरु की चरण वंदना को उमड़ी भक्तों की भीड़

Bhadohi Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। गुरु और शिष्य का महान पर्व गुरु पूर्णिमा जिले में पूरी भक्ति और आस्था के साथ मनाया गया। विभिन्न आश्रमों में हजारों की संख्या में उमड़े भक्तों ने गुरु की चरण वंदना करते हुए शीश नवाया। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्त गुरु वंदना के लिए गैर जनपद और गैर प्रांतों के लिए भी रवाना हुए।
सीतामढ़ी संवाददाता के अनुसार गुरुर्ब्रह्मा, गरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरुर्साक्षात परम ब्रह्म, तस्मै श्री गुरुवै नम:। की भावना को लेकर हजारों की संख्या में भक्त सीतामढ़ी के विभिन्न आश्रमों में पहुंचे। शिष्यों ने गुरु की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु उपदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लेकर आश्रमों से रवाना हुए। संत उडि़या बाबा आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिष्यों ने श्री श्री 108 श्री बंशीधर दास जी महाराज उडि़या बाबा का श्रद्धापूर्वक पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शिष्यों को आशीर्वचन देते हुए संत श्री ने कहा कि आज ही के दिन महाभारत के रचयिता द्वैपायन व्यास का जन्मदिन भी है। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे। उन्होंने चारों वेदों की भी रचना की थी। इसके कारण उन्हें वेद व्यास कहा जाता है। इसी तरह वाल्मीकि आश्रम में बड़ी संख्या में भक्तों ने पं. हरि प्रसाद शास्त्रत्त्ी का आशीर्वाद प्राप्त किया। सीताधाम मौनी बाबा आश्रम में भी बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
औराई संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के अर्जुन पट्टी गांव में श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मण दास जी महाराज के दर्शन पूजन के लिए गुरु पूर्णिमा पर हजारों की भीड़ उमड़ी। कई एकड़ में फैला आश्रम भक्तों से पटा रहा। जनपद के अलावा गैर जनपद और गैर प्रांतों के भक्त भी आश्रम में गुरु पूजन के लिए पहुंचे थे। आश्रम में अखंड अखंड रामायण का पाठ भी चल रहा था। जिसका संपुट मंत्र था गुरु पितु मातु महेश भवानी, प्रनवऊ दीनबंधु दिन दानी। आश्रम में सुबह से ही भक्त पहुंचने लगे थे। गुरु पूजन के बाद भक्तों ने प्रसाद भी ग्रहण किया। विशाल भंडारे में प्रसाद स्वयं स्वामी जी भक्तों को अपने हाथों से दे रहे थे और महाराज के निर्देश पर भक्त प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही आश्रम से रवाना हो रहे थे।
गोपीगंज के सदर मुहाल स्थित केशव कृपाल जी महाराज का पूजन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों का जमावड़ा रहा। केशव कृपाल जी ने सबसे पहले अपने गुरु नृत्य गोपाल दास जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर उनकी आरती उतारी। इसके बाद भक्तों ने केशव कृपाल जी महाराज की चरणवंदना की। श्री संत ने कहा कि गुरु से बढ़कर संसार में कृपा करने वाला दूसरा कोई तत्व नहीं होता। गुरु प्रकट रूप से भक्तों पर कृपा करता है। वेद और पुराणों में भी गुरु की महिमा बखानी गई है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा के अंत में लिखा है जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहुं गुरुदेव की नाईं। उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा सबसे श्रेष्ठ होता है। गुरु की पहचान उसके सकल सूरत और वेश भूसा ने नहीं बल्कि उसके विद्वता, कृपा और करुणा से होती है। इसी तरह अन्य आश्रमों में भी गुरु के दर्शन पूजन के लिए भीड़ लगी रही। बड़ी संख्या में भक्त गैर प्रांत और गैर जनपद में जाकर अपने गुरु की पूजा वंदना की।
ज्ञानपुर क्षेत्र के भिदिउरा स्थित चित्रकूट अखंडाश्रम में गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। आश्रम के संत स्वामी स्वरूपानंद जी परमहंस के शिष्यों और भक्तों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजन अर्चन किया। इस दौरान गुरु दीक्षा का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। स्वामी जी के अनुज डा. राजकुमार पाठक ने भई स्वामी जी को माल्यार्पण कर पूजन और वंदन किया।

अनुशासन का पर्व है गुरु पूर्णिमा
गायत्री परिवार ने मनाया गुरु पूर्णिमा पर्व
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। गुरु पूर्णिमा पर्व गायत्री पीठ टाउन एरिया ज्ञानपुर पटेल नगर में धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रात: आठ बजे गायत्री महामंत्र के सामूहिक उच्चारण एवं गुरु वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
रामराज सिंह ने गुरु पूर्णिमा पर्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु पूर्णिमा का पर्व अनुशासन का पर्व है। गुरु कोई व्यक्ति नहीं बल्कि शक्ति का पुंज है। जो सूक्ष्म रूप से रुण-रुण में व्याप्त है। शिष्य अपनी श्रद्धा, भक्ति एवं विश्वास के माध्यम से उसका आभास करते हुए जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान करते हुए अमरत्व को प्राप्त करते हैं। मानव योनि में जन्म लेने वाले समस्त लोगों को सतगुरु का वरण करना चाहिए। ऐसा न करने वालों को निगुरा कहा जाता है जो एक अपमान जनक शब्द है। गायत्री महायज्ञ के समापन के अवसर पर लोगों ने 108 पौधरोपण का भी संकल्प लिया। बहनों ने अपने अपने घर में तुलसी रोपण का संकल्प लिया। इस मौके पर दीक्षा, नामकरण और पुंसवन संस्कार भी संपन्न कराए गए। सायं दीप यज्ञ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस मौके पर दीपचंद्र, फौजदार यादव, चंद्रमणि, त्रिवेणी प्रसाद, उदय शंकर, मनोज, भुल्लन सिंह, श्रीमती रश्मि वर्मा, तारा देवी, उर्मिला, अनीता, कमला देवी आदि सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सुरियावां संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के भीमसेनपुर में शिव कुमार पाल के आवास पर गायत्री परिवार की ओर से गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। क्षेत्र के बड़ी संख्या में महिला पुरुष भक्तों ने सपरिवार हिस्सा लिया। इस मौके पर दीक्षा, संस्कार के साथ ही साथ श्रीराम शर्मा आचार्य के कार्यों एवं अनुभवों के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। इस मौके पर संतोष कुमार पाल, आद्या प्रसाद उपाध्याय, रामपूजन उपाध्याय, जगरदेव पाल, मगन पाल, मोहनलाल विश्वकर्मा, अखिलेश पांडेय आदि मौजूद रहे।

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