विज्ञापन

रजिस्ट्रार को भेजी गई वंचित छात्रों की सूची

Bhadohi Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से संचालित मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल कोर्स की पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं की तिथि शीघ्र घोषित की जा सकती है। मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से मांगे गई परीक्षा से वंचित अभ्यर्थियों की सूची सप्ताहभर पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से रजिस्टार को भेज दी गई है। वर्तमान में जिले में कुल सात अनुदानित और 22 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हो रहे हैं। इन्हीं मदरसों में अध्ययनरत छात्रों की परीक्षाएं शिक्षा परिषद से संचालित होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को भेजी गई जानकारी में परीक्षा से वंचित छात्रों की संख्या 1413 दी गई है। इसमें मुंशी से लेकर फाजिल तक के छात्रों की अलग-अलग संख्या शामिल है। नौ जून से शुरू मदरसा शिक्षा परिषद की नए और पुराने पाठ्यक्रम की परीक्षाओं को संपन्न कराने के लिए जिले में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन परीक्षा के पहले ही दिन बोर्ड की ओर से केवल नए पाठ्यक्रम के छात्रों के ही प्रशभन पत्र भेजे गए थे। पुराने पाठ्यक्रम के छात्रों ने अपने प्रश्नपत्र न आने पर परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। बोर्ड के अधिकारियों ने तत्काल उक्त छात्रों की परीक्षा पुन: कराने की घोषणा कर स्थिति को संभाल लिया था। अब मदरसों में आगामी माह से रमजान का महीना शुरू होने पर वार्षिक अवकाश हो जाएंगे। इसलिए बोर्ड की ओर से परीक्षा की तिथि घोषित कर संख्यानुसार प्रश्न पत्र भेजने की प्रक्रिया होने वाली है। अल्पसंख्यक विभाग की सूचनाओं के अनुसार शिक्षा परिषद की ओर से रमजान शुरू होने से पूर्व भी तिथि घोषित कर परीक्षाएं कराई जा सकती हैं।

Recommended

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें मात्र ₹1100 में
त्रिवेणी संगम पूजा

कुंभ मेले में अतुल धन, वैभव, समृधि प्राप्ति हेतु विशेष पूजा करवायें मात्र ₹1100 में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

पुल को नदी में गिरता देख थम गईं सांसें, देखिए वीडियो

अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में एक पुल को गिराया गया। ये पुल यहां की हड़सन नदी पर बना था। आखिर पुल गिराने की वजह क्या रही देखिए इस रिपोर्ट में।

16 जनवरी 2019

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree