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शैक्षणिक लगनशीलता से टाप पर पहुंचा जनपद

Bhadohi Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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भदोही। बीते कुछ वर्षों में जिले में आए शैक्षणिक लगनशीलता ने शिक्षा के क्षेत्र में जिले को टाप पर ला दिया है। एक के बाद एक कई छात्रों ने विभिन्न परीक्षाओं में टाप कर भदोही का नाम देश भर में रौशन कर दिया है। पहले नयनपुर ग्राम के अजय पाल ने आईएएस परीक्षा में सफलता हासिल की तो अब काजीपुर मोहल्ले के इजहार अहमद के विकलांग बेटे ने बीएचयू पीएमटी विकलांग कोटे में प्रथम रैंक हासिल कर जनपदवासियों को गौरान्वित कर दिया है। इतना ही नहीं भदोही के ही दो अन्य छात्रों ने भी अन्य परीक्षाओं में जिले का गौरव बढ़ाया है।
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भदोही के मदर हलीमा पब्लिक स्कूल से दसवीं की परीक्षा पूरा करने के बाद विकलांग कौसेन अख्तर ने पूरा मन बना लिया था कि उसे पीएमटी क्वालिफाई करना है। उसने कर भी दिया। आल इंडिया पीएमटी के विकलांग कोटे में उसकी द्वितीय रैंकिं ग रही जबकि यूपी सीपीएमटी में इसी कोटे में उसे प्रथम रैंक मिलने के बाद मंगलवार को जारी हुए प्रतिष्ठित बीएचयू पीएमटी के विकलांग कोटे में कौसेन ने प्रथम रैंक हासिल कर उसने दिखा दिया कि यदि हौसला और लगन हो तो कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
भदोही के छात्रों की शानदार सफलता यहीं खत्म नहीं होती। मदर हलीमा स्कूल के ही पूर्व छात्र तारिक परवेज को देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर में प्रवेश मिला है। तारिक को गणित में महारत हासिल है और वे वहां से गणित से एमएससी करेंगे। काजीपुर निवासी अब्दुस्सलाम अंसारी की बेटी और मदर हलीमा पब्लिक स्कूल की ही पूर्व छात्रा जैनब सलाम ने भी कामेड-के (कर्नाटका) मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर जिलेवासियों का सर फख्र से ऊंचा कर दिया है। जैनब के पिता अब्दुस्सलाम का कहना है कि बेटी की इस सफलता ने कइयों को पुत्र और पुत्री के बीच भेदभाव करने से जरूर रोकेगा।

लगन हो तो कोई परीक्षा मुश्किल नहीं
फोटो-64 (हाजी एएच बेग)
भदोही। एक के बाद एक अपने तीन पूर्व छात्रों की कामयाबी पर मदर हलीमा पब्लिक स्कूल का प्रबंधन फूले नहीं समा रहा है। विद्यालय के प्रशासक, हाजी एएच बेग ने कहा कि कठिन परिश्रम और लगन हो तो कोई भी परीक्षा मुश्किल नहीं होती। विद्यार्थियों की अभिरुचि और टैलेंट को पहचान कर उन्हें सही दिशा देना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास और रोचकता बरकरार रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि धनाभाव में बहुत से मेधावी बच्चे अवश्य पिछड़ जाते हैं लेकिन ऐसे लोगों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं जिसकी जानकारी होनी चाहिए।

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