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कंजूसी के साथ बरसे मेघ

Bhadohi Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर। शिद्दत से इंतजार के बाद बुधवार की तड़के कालीन नगरी की जमीन पर इंद्रदेव मेहरबान भी हुए तो कंजूसी के साथ। जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में कुछ देर तक रौ में पानी गिरा तो जिले के तमाम हिस्सों को छींटे भी नसीब नहीं हुए। लोग धूप और उमस से बेहाल रहे।
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बुधवार की पौ फटी तो जिला मुख्यालय पर रिमझिम बरसात हो रही थी। इससे पूर्व रात के करीब साढ़े तीन बजे इसकी शुरुआत झमाझम से हुई। तकरीबन बीस मिनट की तेज बरसात के बाद नगर के तमाम निचले इलाकों में जलजमाव हो गया। कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गईं। लगा कि जिले भर में ऐसी बारिश हुई होगी तो किसानों की सक्रियता में तो तेजी आएगी ही, मौसम की तल्खी झेल रहे जिले भर के लोगों को राहत भी मिलेगी। लेकिन, थोड़ी ही देर में पता चला कि इंद्रदेव की यह मेहरबानी जिले के कुछ हिस्सों के लिए ही है। जंगीगंज और आसपास के इलाकों में बारिश का नामोनिशान नहीं था। हालांकि जिला मुख्यालय के अलावा गोपीगंज, औराई, घोसिया, खमरिया, दुर्गागंज और सुरियावां के इलाकों में बारिश हुई। मंगलवार की रात बेहद गर्म रही। पिछले कई दिनों से गर्मी का यह सितम झेल रहे लोगों को बरसात की उम्मीद न थी, लेकिन आधी रात के बाद बदले मौसम के मिजाज ने राहत दी। तपती जमीन पर बारिश की बूंदें पड़ीं और ठंडक आम आदमी के कलेजे को मिली। बुधवार को दिनभर आसमान में बादलों की धमाचौकड़ी होती रही। अलसुबह प्री मानसून की बारिश भले ही जिले के कुछ हिस्से में ही हुई हो, लेकिन धान की खेती की तैयारी में जुटे किसानों को सक्रिय करने में इस मौसम की खास भूमिका रही। आषाढ़ महीने के काले कजरारे बादलों ने पहली बार इस महीने का अनुभव कराया।
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