भदोही में त्रिकोणीय संघर्ष के आसार

Bhadohi Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
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भदोही। भदोही नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के चुनाव में जिस प्रकार से दिग्गजों ने नामांकन किया है उससे संघर्ष बहुकोणीय बनने के आसार है। भाजपा जिसका भदोही गढ़ हुआ करता था इस बार अपने बागियों से ही दो-दो हाथ करती नजर आएगी। जबकि सिंबल से इंकार करनेे के बाद सपा के कई वरिष्ठ नेताओं के मैदान में कूद जाने से इस बार हर स्थिति काफी बदली बदली रहेगी।
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भाजपा जो यहां अक्सर मजबूत स्थिति में दिखाई देती रही है आज उसको चुनौती देने वाले कई प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा ने सुधा देवी का टिकट काटा है उन्होंने भी नामांकन किया है। इसी बीच श्यामा देवी जो भाजपा के टिकटार्थियों की लाइन में प्रमुखता से थीं टिकट कटने के बाद भी मैदान में दो दो हाथ करती नजर आएंगी। जबकि पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी चंद्रावती देवी मैदान में हैं। यह तो रही भाजपा की बात। सपा भी कम परेशानी में नहीं है। बसपा के बाद एकाएक मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव द्वारा सिंबल देने से इंकार करने पर कई वरिष्ठ सपा नेताओं ने अपनी पत्नियों को उतार दिया है। इसमें विधानसभा अध्यक्ष पन्ना लाल यादव की पत्नी कांति देवी, जिला उपाध्यक्ष हसनैन अंसारी की पत्नी तरन्नुम हसनैन के साथ साथ पूर्व पालिका चेयरमैन मो.आरिफ सिद्दीकी की पत्नी महलका सिद्दीकी भी मैदान में हैं।
पालिकाध्यक्ष की कुर्सी की लड़ाई में कुछ और प्रत्याशी भी हैं जो दूसरों के वोटबैंक में सेंधमारी करते नजर आ रहे हैं। इसमें पीस पार्टी की प्रत्याशी फरहत सुल्ताना, उलेमा काउंसिल की प्रत्याशी नूरअफ्शां, बसपा नेता इरशाद खां पप्पू की पत्नी चंदा बानो तथा कांग्रेस प्रत्याशी शमूना मुशीर का नाम लिया जा रहा है।
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