भरोसा करने वाले की मदद करते हैं भगवान

Bhadohi Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
जंगीगंज। डीघ विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय सदाशिवपट्टी में चल रहे श्री राम नाम जप महायज्ञ में शनिवार को बड़ी संख्या में भक्तों ने आहुतियां डालीं। आज के यजमान कमला शंकर पांडेय सपत्नीक रहे। इस मौके पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
प्रवचन करते हुए स्वामी संतदास जी महाराज ने कहा कि भक्ति से भगवान प्रसन्न होते हैं। भक्ति दो प्रकार की होती है। स्वार्थ की और नि:स्वार्थ की। स्वार्थ की भक्ति स्वार्थ पूरा होने के बाद समाप्त हो जाती है जबकि नि:स्वार्थ भक्ति आजीवन बनी रहती है। भक्त जहां चाहें वहीं भगवान को प्रकट कर देता है। प्रह्लाद ने पत्थर से भगवान को निकाल दिया। द्रौपदी के लिए भगवान साड़ी बन गए। संसार का भरोसा छोड़कर जो भगवान के भरोसे रहता है उसके लिए भगवान दौड़े चले आते हैं। दशरथ और कौशिल्या का प्रेम देखकर भगवान अयोध्या की धूली में लोटे। गोपियों का प्रेम देखकर भगवान वृंदावन में नाचे। भगवान भक्तों के पीछे चलते हैं और भक्त को अपने ऊपर स्थान देते हैं। भगवान की प्रतीति भक्त ही कराता है। भक्त जहां बैठ गया वहीं तीर्थ हो गया। भक्त जिस पत्थर को पूजे वही ईष्ट हो गया। भरत लाल जी खड़ाऊं में रामजी को बैठा लिए और खड़ाऊं की 14 वर्ष तक पूजा किए। उन्हें खड़ाऊं में ही भगवान दिखाई देते थे। जटायु नीच जाति का पक्षी होने के बाद भी आजीवन भगवान का भजन करता रहा और भगवान के कार्य में मृत्यु होकर परमलोक को प्राप्त हुआ। प्रवचन शनिवार को समाप्त हो गया। रविवार को महायज्ञ की पूर्णाहुति की जाएगी। इस मौके पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया है।

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