आवास योजना के आवंटियों पर मंडराए संकट के बादल

Bhadohi Updated Fri, 18 May 2012 12:00 PM IST
आवास योजना के आवंटियों पर मंडराए संकट के बादल
ज्ञानपुर। मान्यवर कांशीराम शहरी आवास योजना के आवंटियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आवास में न रहने वालों के आवास निरस्त होने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी 15 सौ आवासों के आवंटियों की जांच शुरू हो गई। जांच में 15 सौ आवासों में 60 प्रतिशत आवासों का ताला बंद होने पर नोटिस चस्पा की गई, जिसमें कहा गया है कि 15 दिन के अंदर आवासों में रहने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया तो वे आवास निरस्त माने जाएंगे। डूडा अधिकारी ने एक आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो दिन पूर्व कांशीराम शहरी आवास योजना मेें पिंकी सेठ के जलने के मामले की जांच में ऐसे कई मामले सामने आए, जिसमें आवंटी खुद न रहकर दूसरे को रख रहे हैं। ब्लाक छह, फ्लैट नंबर 65 जिसमें पिंकी सेठ रहती थी, वह फ्लैट ज्ञानपुर के बालीपुर निवासी मो. हफीज का निकला। हालांकि उसने लिखित रूप से डूडा अधिकारी को पत्रक दिया है कि उसने व्यवहारन अपना कमरा दिया था। आवासों में रहने वाले आवंटियों की जांच में पहुंचे डूडा अधिकारी कमलेंद्रनाथ गुप्ता और विभागीय कर्मचारियों ने एक-एक ब्लाक के सभी आवासों की जांच की। 15 सौ आवासों में 60 प्रतिशत आवासों पर ताला लटका था। उन्होंने बताया कि आसपास के लोगों से जानकारी हुई कि अक्सर ये आवास बंद रहते हैं। सभी आवासों पर नोटिस चस्पा कर चेतावनी दी गई है कि 15 दिन में आवासों में न रहने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया तो आवास आवंटन निरस्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल एक आवास के आवंटन को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। 15 दिन में जवाब नहीं आया तो सभी आवास निरस्त कर नए आवंटियों को आवंटन शुरू होगा। मालूम हो कि आवंटन के दौरान तमाम आरोप-प्रत्यारोप लगे थे, जिसकी जांच नहीं हो सकी थी।

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