एक कुंतल के स्थान पर 105 किलो लिया जा रहा गेहूं

Bhadohi Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। औराई क्षेत्र के उगापुर गेेहूं क्रय केंद्र के किसानों के शोषण का आरोप है। किसानों से एक कुंतल गेहूं के स्थान पर 105 किलो गेहूं लिया जा रहा है। क्रय केंद्र के अधिकारी इसके लिए उच्चाधिकारियों पर आरोप मढ़ कर बच रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने शनिवार को उगापुर स्थित गेहूं क्रय को देखा। वहां किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय केंद्र पर बोरे नहीं हैं। उनका गेहूं लिया भी जा रहा है तो एक कुंतल पर 105 किलो गेहूं ले रहे हैं। इसका विरोध करने पर किसानों को गेहूं न लेने के लिए डराया धमकाया जाता है। 105 किलो गेहूं लेकर 100 किलो की रसीद दी जा रही है, जो सरासर गलत है। भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचते वहां तैनात सचिव भाग खड़ा हुआ। भाजपा नेता शैलेंद्र दुबे ने कहा कि स्थानीय सचिव ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ज्यादा गेहूं लेने की बात कही है। कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों की यही स्थिति है। किसान राजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, संतोष, दशरथ सिंह का कहना है कि अब तक जितने भी किसानों को गेहूं लिया गया है उनसे एक कुंतल पर 105 किलो ही गेहूं लिया गया है। भाजपाइयों ने निर्णय लिया कि वे मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ पत्रक सौंपेंगे। भाजपा नेता शैलेंद्र दुबे ने कहा कि सपा मुखिया अपने को किसान का बेटा कहते हैं लेकिन किसानों की पीड़ा कुछ नहीं समझते। मध्य प्रदेश जैसे प्रांत में गेहूं के समर्थन मूल्य के साथ-साथ एक कुुंतल पर पचास रुपये बोनस दिया जा रहा है। लेकिन उ.प्र. में ऐसा नहीं है। प्रदेश के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार के पास कोई योजना नहीं है। केवल किसानों को हतोत्साहित किया जाता है। इस मौके पर प्रदीप सिंह, डा. सूर्यप्रसाद चौबे, लक्ष्मीशंकर मिश्र, नीरज सिंह आदि थे।

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