गेहूं क्रय केेंद्रों पर किसानों का शोेषण

Bhadohi Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर। भाजपा कार्यकर्ताओं की जिला कार्यालय में हुई बैठक में गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों के साथ की जा रही धोखाधड़ी की निंदा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसानों को अपना गेहूूं क्रय केंद्रों पर बेचने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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भाजपाइयों ने क्रय केंद्रों पर आरोप लगाया कि किसानों का गेहूं खरीदने में क्रय केंद्र के कर्मचारी 50 रुपये प्रति कुंतल पीछे ले रहे हैं। धनराशि न देने पर गेहूं लेने में आना-कानी कर रहे हैं। इस बार किसान अपना गेहूं वाहनों में खुले रूप से ले जा रहा है। क्रय केंद्रों पर गेहूं गिराकर बोरियों में भरकर, उसे तौलकर सिलाई करने में पूरा दिन बीत जा रहा है। किसानों का इस तरह का शोषण पहले कभी नहीं हुआ। इस बार किसान गेहूं बेचने में ज्यादा परेशान हो रहे हैं। भाजपाइयों ने किसानों की सुविधा देखते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में जिस तरह से किसानों को टोकन के हिसाब से बोरा दे दिया जाता था, किसान अपने घर बोरों में गेहूं भरकर, सीलकर और उसमें क्रय केंद्र का लेबिल लगाकर केंद्रों पर बोरियां तौलाकर देता था। इस बार किसानों को हलाकान करने के लिए नए-नए निर्देश जारी किए गए हैं। भाजपाइयों ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों का शोषण न हो इसके लिए भाजपा कार्यकर्ता जिले के प्रत्येक गेहूं क्रय केंद्रों पर निगरानी रखेंगे। बैठक में जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय, उमाशंकर दुबे, ओमप्रकाश तिवारी, शैलेंद्र दुबे, सभाजीत सिंह, छत्रपति सिंह, रामेश्वर उपाध्याय, प्रवेश तिवारी, सतीशचंद्र पांडेय, अशोक चौरसिया, अभिनव पांडेय आदि थे।
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