राम भरोसे चल रहे हैं आंगनबाड़ी केंद्र

Bhadohi Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
औराई। विकास खंड के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं। कार्यकत्रियों व सहायिकाओं की मनमानी के कारण केंद्रों का संचालन सिर्फ कागज तक ही सीमित रह गया है। निरीक्षण के कार्य में लगाई गई मुख्य सेविकाएं भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक तरह से नहीं कर रही हैं। जिसके कारण केंद्रों की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है।
औराई विकास खंड में कुल 270 आंगनबाड़ी केंद्र व 35 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। अधिकांश केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं या उसके कार्यकत्री व सहायक नदारद हैं जो कभी कदा ही केंद्र पर आती हैं। इन केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए दस मुख्य सेविकाएं लगाई गई हैं जिनका भी क्षेत्र में कहीं अता पता नहीं है। हर केंद्रों पर नौ-नौ बोरी व हर मिनी केंद्र पर पांच-पांच बोरी पोषाहार हर माह भेजा जाता है जो नौनिहालों को न देकर बाजार में बेच दिया जाता है। इसका मुख्य कारण मुख्य सेविकाओं की उदासीनता ही है। नियमानुसार हर केंद्र पर 65 से 80 बच्चों की उपस्थिति प्रतिदिन होनी चाहिए लेकिन इसके विपरीत कोई भी बच्चा नहीं आता है। जहां बच्चे आते भी हैं तो उनकी संख्या 30 से 40 तक ही रहती है। जबकि रजिस्टर पर सभी बच्चों की उपस्थिति दिखाकर अधिकारियों को भी गुमराह करने का कार्य किया जा रहा है। अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन या फिर किराए के मकानों में ही चल रहे हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो कुल केंद्र 305 के सापेक्ष मात्र 57 केंद्रों को ही अपना भवन नसीब हो सका है। इस संबंध में औराई विकास खंड की सीडीपीओ प्रेमलता सिन्हा ने बताया कि मुख्य सेविकाओं के द्वारा नियमित निरीक्षण न करने के कारण लापरवाही हो रही है। जब तक मुख्य सेविकाओं का तबादला नहीं होगा तब तक व्यवस्था नहीं सुधर सकेगी। बताया कि शीघ्र ही विशेष अभियान चलाकर केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा।

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