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जितनी ज्यादा शिक्षा उतने ज्यादा बेरोजगार!

Bhadohi Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। पढ़ाई के बाद भी बेरोजगारी पीछा नहीं छोड़ रही है। शिक्षितों को नौकरी मिलना तो दूर की कौड़ी रही रोजगार के अवसर भी उनके द्वार पहुंचते-पहुंचते कदम खींच ले रहे हैं। जी हां कुछ ऐसा ही आंकड़ा बयां कर रहा है जिला सेवायोजन कार्यालय इस कार्यालय में कक्षा दस पास से नीचे वालों की संख्या मात्र 1190 है और इससे ज्यादा पढ़ने वालों की संख्या 56 हजार 646 है। इनमें 1469 युवा तो बीएड और एमएड भी हैं। विभाग के आंकड़े यह कहने को काफी हैं कि जितनी ज्यादा शिक्षा है उतने ही बेरोजगार घूम रहे हैं।

बेरोजगारी भत्ता मिले या न मिले पर जिले में शिक्षित युवाओं की ऐसी पोल खुली की शिक्षा पानी पानी हो गई। बीएड और एमएड डिग्री धारकों ने जब नौकरी आस छोड़ दी और सेवायोजन कार्यालय में बेरोजगारी भत्ता के लिए पंजीयन करा लिया। इसके बाद भी उन्हें भत्ता मिलेगा या नहीं यह तो भविष्य के गर्भ में है। लेकिन सेवायोजन कार्यालय में ऐसे डिग्रीधारकों ने पंजीयन कराकर सबको चौंका दिया है। ठीक इसी तरह 64 युवा ऐसे हैं जो इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किए हैं। इनके पंजीयन से यही लग रहा है कि इन्हें या तो नौकरी ने ठुकरा दिया या फिर ये नौकरी को ठुकरा चुके हैं। पर इन युवाओं को बेरोजगारी भत्ते की दरकार है। 388 अभ्यर्थी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से विभिन्न ट्रेडों में डिग्री पाए हैं। इसके बाद भी नौकरी इनकी योग्यता से दूर लग रही है। आज के आधुनिक युग में जहां तकनीक ी शिक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है वहां ऐसी डिग्रियों ने उच्च शिक्षा पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगा दिया है। स्नातक, परास्नातक, इंटर और हाई स्कूल पास छात्रों को नौकरी मिलने की आस ऐसी तकनीकी शिक्षा के आगे मिलना असंभव सा प्रतीत होता है। पंजीयन कराने वालों को नौकरी मिलने के बारे में जिला सेवायोजन अधिकारी आरडी राम का कहना है कि नई व्यवस्था के अनुसार विभागों, प्राइवेट, कारपोरेट सेक्टरों में सीधे नियुक्ति हो जाती है। विभाग से कभी कुछ मांगा ही नहीं जाता है। विभाग से ऐसे अभ्यर्थी मांगे जाएं तो उसके विभाग भी कुछ करे। कहा कि अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। सरकार की जो व्यवस्था है उसकी जो योजना है उसके अनुसार लाभ मिलेगा।

बेरोजगारों की संख्या पर एक नजर
शिक्षा संख्या
बीएड, एमएड 1469
इंजीनियरिंग डि. 64
आईटीआई 388
स्नातक 28540
स्नातकोत्तर 4278
इंटरमीडिएट 12867
हाईस्कूल 9094
हाई स्कूल से कम 1190

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