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भोजपुरी सिनेमा के विकास को सरकार को आगे आना होगा

Bhadohi Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
भदोही। भोजपूरी सिनेमा के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को खास पहल करनी होगी। देश की दूसरी रीजनल फिल्म इंडस्ट्री के मुकाबले भोजपूरी सिनेमा जीरो है। ये बातें सास भी कभी बहु थी और प्रतिज्ञा जैसे टीवी सीरीयलों के निर्देशक संतोष भट्ट ने कही। श्री भट्ट मूलत: जिले के मूंसीलाटपुर के निवासी हैं और वर्षों बाद भदोही आए थे। श्री भट्ट ने प्रेस को बताया कि उत्तर प्रदेश और बिहार के युवाओं में टैलेंट निखारने के लिए वे शीघ्र ही फिल्म-टीवी इंस्टीच्यूट खोलने जा रहे हैं।
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श्री भट्ट ने कहा कि आज तमिल, मलयालम फिल्मों को हिंदी में डब किया जा रहा है। उनकी फिल्मों में जो तकनीक देखी जा रही है वह हालीवुड के टक्कर की है लेकिन हमें दुख तब होता है जब हम भोजपुरी का हश्र देखते हैं। उन्होंने कहा कि भोजपुरी के विकास को उत्तर प्रदेश सरकार को पहल करनी होगी। इसमे बिहार सरकार की भी मदद मिलेगी। भविष्य में ऐसा होने पर हमारे यहां टैलेंट की कमी न पड़े इसके लिए वे पटना में एक फिल्म और टीवी इंस्टीट्यूट खोलने जा रहे हैं जो युवाओं को फिल्मी दुनिया की तकनीक में दक्षता प्रदान करेगा। कहा कि गरीब और टैलेंटेड युवाओं के लिए संस्थान में खास रियायतें दी जाएंगी।
वर्ष 1992 में बालीवुड के प्रमुख निर्देशकों में से एक अनिल शर्मा के सहायक के रूप में काम शुरू करने वाले संतोष भट्ट आज टीवी सीरीयलों की दुनियां में बड़ा नाम कहा जाता है। सास भी कभी बहु थी सफलतम सीरीयल कही जाती है जबकि इन दिनों दिखाई जा रही प्रतिज्ञा नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। उन्होंने बताया कि वे संस्कृति, संजीवनी, कुसुम, सिंदूर, प्रतिमा, बेटियां, प्रथा और मायका जैसी सीरीयलें कर चुके हैं। फिल्मों का निर्देशन नहीं करना चाहेंगे? के सवाल पर उन्होंने कहा कि बगैर फिल्म निर्देशन किए उनका मिशन पूरा नहीं होगा और अब वे फिल्में करने के लिए तैयार हैं।

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