‘...मां बहुत गुस्से में हो तो रो देती है’

Badaun Updated Thu, 08 May 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200


विज्ञापन

बदायूं। मां के प्रति समाज में जागरूकता के लिए चलाए जा रहे सर्वसमाज जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को नवादा में एहतरामउद्दीन के प्रतिष्ठान पर बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने मां की महिमा का वर्णन किया।
मुख्य अतिथि, समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव मोतशाम सिद्दीकी ने कहा कि वर्ष में सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि हर दिन मां के लिए समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने प्रख्यात शायर मुनव्वर राना का यह शेर पढ़ा-
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है।
मां बहुत गुस्से में हो तो रो देती है।।
उन्होंने जागरूकता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह इस मुहिम को घर-घर पहुंचाने में सहयोग करेंगे।
अभियान के संयोजक मोहन स्वरूप गुप्ता ने कहा कि मां क्या होती है, यह उस बच्चे से पूछो जिसके सिर पर ममता का साया न हो। बहुत भाग्यशाली होते हैं वे लोग जिन्हें मां का प्यार और आशीर्वाद मिलता है। बोले-
तुम्हारी मर्जी है किसी की पूजा करो या न करो।
मगर यह लाजिमी है कि मां की पूजा जरूर करो।।
इस मौके पर अकील अहमद, आसिफ अली, इंतजार अली, अब्दुल हामिद, मोहम्मद नाजिम, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद मियां, मुसव्वर अली, नरेशपाल सिंह, वीरेंद्र गुप्ता, रामदास शर्मा, केपी सिंह, रामकुमार गुप्ता, सुल्तानउद्दीन, सैयद फैजुर्रहमान, आफाक हुसैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us