पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र को आवेदन करके फंसा

Badaun Updated Thu, 08 May 2014 05:31 AM IST
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सहसवान। नगर निवासी एक शातिर दिमाग व्यक्ति ने अपना पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अव्वल दर्जे की खुराफात कर डाली। उसने ब्राडगेज की मांग के लिए ज्ञापन के बहाने तमाम प्रतिष्ठित लोगों के दस्तखत अपने आवेदन पर करा लिए। तहसीलदार की जांच में फर्जीवाड़ा खुलने के बाद मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
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चौधरी मोहल्ला निवासी मुमताज हुसैन मुस्लिम समुदाय की सामान्य जाति शेख सिद्दीक से ताल्लुक रखता है। मुमताज ने हाल ही में नगर पालिका चेयरमैन समेत कई प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात की और बताया कि नगर से होकर बड़ी लाइन निकलवाने के लिए वह अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके लिए आप सभी के सहयोग की जरूरत होगी। सभी ने मुमताज की पहल को स्वीकारते हुए हरसंभव मदद की बात कही। इसके बाद मुमताज ने एक कागज लेकर तमाम प्रतिष्ठित लोगों के दस्तखत करा लिए। एक रिटायर शिक्षक रजीउल हक भावनाओं में इस कदर बह गए कि उन्होंने शपथपत्र तक पर दस्तखत कर दिए। बताते हैं कि इसके बाद मुमताज ने खुद को पिछड़ा वर्ग की मुस्लिम सुनार जाति का बताते हुए तहसील में आवेदन कर दिया। इन लोगों के दस्तखतों वाला पत्र और शिक्षक का शपथपत्र उसने आवेदन के नीचे यह स्पष्ट करते हुए लगाया कि यह सभी लोग उसकी पिछड़ी जाति को भली भांति जानते हुए उसके आवेदन का समर्थन कर रहे हैं। अजीबोगरीब आवेदन जब तहसीलदार सुभाष यादव के पास पहुंचा तो उन्होंने इसे संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू करा दी। जांच में राजस्व टीम को शक हुआ तो मुमताज के पुत्र उवैस के स्कूल जाकर उसकी टीसी निकलवाई गई। इसमें मुमताज के सामान्य जाति से होने का खुलासा हो गया। रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार ने इसे पूरी तरह जालसाजी का मामला माना। उन्होंने कोतवाली पुलिस को मुमताज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
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