बिसौली पुलिस पर भारी पड़ रहा गुलजारी

Badaun Updated Wed, 07 May 2014 05:31 AM IST
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बदायूं। बिसौली सर्किल में लूट की वारदातें थम नहीं रही हैं। पब्लिक अधिकांश वारदातों के पीछे फरार बदमाश गुलजारी और उसके गिरोह का हाथ मान रही है। बयान बहादुर बनने के अलावा क्षेत्र के पुलिस अधिकारी इस दिशा में कोई ठोस नतीजा हासिल नहीं कर सके हैं।
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बता दें कि 26 अप्रैल की रात बिसौली क्षेत्र में लधेड़ा गांव निवासी उदयपाल से बदमाशों ने बाइक लूट ली थी। उसी वक्त रिपोर्ट लिखाने की गरज से गए उदयपाल के पिता शिवदत्त और भाई संतोष को भी उसी स्थान पर बदमाशों ने घेरकर लूटपाट की कोशिश की। इस दौरान बदमाशों ने मोर्चा कमजोर पड़ता देखकर शिवदत्त को गोली मार दी थी। पिता की हत्या के साथ ही संतोष ने भाग रहे बदमाशों को पहचान लिया था। इनमें से एक निकटवर्ती गांव परसेरा का निवासी गुलजारी यादव और दूसरा उसका साथी सिंचौली का प्रेमपाल था। गुलजारी का मोबाइल भी मौके पर गिर पड़ा था। पुलिस ने इनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद बिसौली के प्रभारी कोतवाल जीत सिंह ने उसे जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस उसे गिरफ्तार तो नहीं कर सकी, उल्टा पूरे इलाके में लूट की ताबड़तोड़ वारदातें शुरू हो गईं। सोमवार रात बगरैन के पास भी लुटेरों ने कई राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट की। लोगों का मानना है कि गुलजारी और उसके साथी ही इलाके में वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गुलजारी करीब छह महीने से ज्यादा सक्रिय होकर लूट-छिनैती की वारदातें कर रहा था। बताते हैं कि शिवदत्त हत्याकांड के बाद वह और ज्यादा आक्रामक हो गया है और पूरे इलाके में वारदातें कर रहा है। पुलिस ने तफ्तीश की तो पता लगा कि उसके परिवार में सिर्फ उसकी बुजुर्ग मां है। गांव वाले बताते हैं कि वह लंबे समय तक घर नहीं जाता है। बावजूद इसी इलाके में उसकी मौजूदगी के बाद भी गिरफ्तारी न होना पुलिस के लिए शर्मिंदगी की बात है।
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