आग से झुलसकर दो महिलाओं की मौत

Badaun Updated Mon, 05 May 2014 05:31 AM IST
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बदायूं। जिले में अलग-अलग स्थानों पर आग से झुलसकर दो महिलाओं की मौत हो गई। इनमें से एक घटना सहसवान कोतवाली क्षेत्र तो दूसरी बिसौली क्षेत्र में हुई। दोनों महिलाओं ने जिला अस्पताल में दम तोड़ा। रविवार को दोनों शवों का जिला मुख्यालय पर पोस्टमार्टम कराया गया।
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सहसवान। कोतवाली क्षेत्र के गांव बढ़ेरिया निवासी शीलेंद्र की पत्नी आशा (35) को रविवार सुबह करीब साढ़े छह बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आशा का शरीर लगभग पूरी तरह आग से झुलस हुआ था। आधा घंटे बाद ही आशा ने दम तोड़ दिया। इस बीच उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव रौली से उसके मायके वाले भी आ गए। जिला अस्पताल में महिला के ससुराल वालों से मायके वालों की पहले बहस हुई और बाद में मारपीट की नौबत आ गई। खींचतान के बीच मौके पर मौजूद लोगों और अस्पताल स्टाफ ने इन्हें अलग कराया। मृतका के पिता अतिराज ने कहा कि आशा उनकी इकलौती पुत्री थी। उन्होंने करीब पंद्रह साल पहले काफी दहेज देकर उसकी शादी की थी। दामाद शीलेंद्र आशा पर दबाव बनाता था कि मायके का मकान और जमीन उसके नाम करा दी जाए। जबकि उन लोगों का कहना था कि उनकी मृत्यु के बाद सब कुछ शीलेंद्र और उसके बच्चों का ही है। आरोप था कि फिलहाल उत्पीड़न की स्थिति भयावह हो गई थी। इसी क्रम में रविवार को सुबह ही शीलेंद्र और उसके परिवार वालों ने आशा के ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी। इससे उसकी मौत हो गई। अतिराज ने बाद में शीलेंद्र समेत उसकेपरिवार के नौ लोगों के खिलाफ सहसवान कोतवाली में तहरीर दे दी। अस्पताल में मौजूद शीलेंद्र ने बताया कि उसकी शादी को सत्रह साल हो चुके हैं। पत्नी आशा ने सुबह बड़े पुत्र को बिना बात पीट दिया। इस बात पर उसने पत्नी से नाराजगी जताई। शायद इसी से नाराज होकर आशा ने खुद को आग लगा ली। इस मामले में तहरीर मिलने के बाद पुलिस जांच कर रही है।
झुलसी महिला ने दम तोड़ा
दबतोरी। चौकी क्षेत्र के गांव सिरसांवा निवासी डोरीलाल की पत्नी सोमवती (35) ने भी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार रात उसे अति गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। अस्पताल स्टाफ ने सूचना देकर बिसौली कोतवाली पुलिस को बुलवा लिया। डोरलाल ने बताया कि करीब सात साल पहले वह दिल्ली में बेलदारी करते थे। वहां सोमवती भी मजदूरी करती थी। वहीं दोनों के संबंध हो गए और उन्होंने साथ रहने का फैसला कर लिया। तब वह बतौर पत्नी सोमवती को घर ले आया। तब से वह दोनों साथ रह रहे थे। कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ। डोरीलाल ने बताया कि शनिवार रात उनके भांजे की गांव में ही बारात आई हुई थी। वह इसमें गए थे। तभी सूचना मिली कि उनके घर में आग की लपटें उठ रही हैं। वह पहुंचे तो देखा कि सोमवती बुरी तरह आग की लपटों से घिरी है। उसने आग बुझाई और पत्नी को लेकर आसफपुर सीएचसी गया। वहां इलाज की व्यवस्था न हुई तो एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर आया। यहां उसकी मौत हो गई।
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