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डायरिया से मौतें, वायरल-दिमागी बुखार की भी दस्तक

Badaun Updated Thu, 08 Aug 2013 05:36 AM IST
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सेहत विभाग का दावा, कोई मौत नहीं हुई
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बदायूं। जिले में डायरिया से मौतों का सिलसिला शुरू होने के साथ ही वायरल फीवर और दिमागी बुखार ने भी दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये की वजह से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। सहसवान में पिछले दिनों डायरिया से एक-एक कर पांच लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली लेकिन इसके बाद भी डायरिया से मौतों का सिलसिला नहीं रुका है। अब जिले में वायरल फीवर और दिमागी बुखार भी दस्तक देने लगा है। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग मानने को तैयार नहीं हैं कि जिले में एक भी मौत डायरिया से हुई है।
संक्रामक रोगों का सीजन शुरू होने के बाद भी जिले में पहले से इससे निपटने के इंतजाम नहीं किए गए। स्वास्थ्य विभाग के इसी रवैये की वजह से डायरिया बेकाबू हो रहा है। करीब एक महीने में डायरिया से पांच लोगों की मौत और फिर दिमागी बुखार और वायरल फीवर का प्रकोप जिम्मेदार अधिकारियों की कार्य प्रणाली की ओर इशारा करता है।
इंसेट-
मौतें शुरू होने के बाद बनी टीमें
जिले में डायरिया से मौतें शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने टीमों का गठन किया। पिछले दिनों सहसवान क्षेत्र के गांव शुकरुल्लापुर में डायरिया से चार लोगों की मौत के बाद ही यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम ने यहां रस्म अदायगी के लिए कुछ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको दवाएं जरूर दीं लेकिन किसी को भी डायरिया होने की पुष्टि नहीं की। इसके बाद भी जिले में डायरिया का प्रकोप नहीं थमा तो विभाग के आला अधिकारियों ने सीएचसी और पीएचसी पर एलर्ट किया। हालांकि संक्रामक रोग नियंत्रण सेल का अब भी दावा है कि जिले में संक्रामक रोगों की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।


दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री
सड़े-गले फल और दूषित खाद्य पदार्थों से संक्रामक रोगों का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। डॉक्टर भी इस बात को मानते हैं लेकिन इसके बाद भी जिले में इनकी बिक्री पर रोक के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं। शहर समेत पूरे जिले में जहां-जहां दूषित खाद्य पदार्थ और सड़े-गले फल सड़कों किनारे बिकते मिल जाते हैं। संक्रामक रोगों के मौसम में दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री हालात और और बिगाड़ रही है।

गंदगी भी है संक्रामक रोगों की वजह

गंदगी और संक्रामक रोगों का रिश्ता पुराना है। अक्सर देखा जाता है कि जहां संक्रामक रोग फैलते हैं वहां गंदगी की भरमार है। शहर में तमाम ऐसी जगह हैं जहां नारकीय स्थिति है। कई मोहल्लों में महीनों से कूड़े के ढेर लगे होने की वजह से स्थिति ज्यादा बिगड़ रही है। बारिश के मौसम में जगह-जगह गंदगी के ढेर और जल भराव से निपटने के लिए भी पहले से कोई इंतजाम नहीं किए गए।


वर्जन-
संक्रामक रोगों जैसी जिले में कोई स्थिति नहीं है। इस तरह से एक-दो केस मिलते रहते हैं जिले में किसी एक ही गांव में कई लोगों में अब तक डायरिया के लक्षण नहीं पाए गए हैं। अब तक डायरिया से जिले में कोई मौत भी नहीं हुई है। जिन जगहों पर संदिग्ध मामले मिले हैं वहां पानी केनमूनों की जांच कराई जा रही है।-डॉ. आरपी सिंह, सीएमओ

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