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सरकार ने उठाया एकदम सही कदम

Badaun Updated Sun, 10 Feb 2013 05:31 AM IST
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बदायूं। लोकतंत्र के सबसे बड़े सदन संसद पर हमले के आरोपी आतंकी अफजल गुरू को फांसी के फंदे पर लटका देने के बाद सरकार के इस फैसले की सभी ने सराहना की है। नेता हो या फिर समाजसेवी हर कोई इस आतंकी को फांसी पर लटकाए जाने से खुश है। कहना साफ है कि देर आए पर दुरुस्त आए।
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दबतोरी में जिला पंचायत सदस्य गिरीश पाल सिंह, पूर्व सदस्य सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव, राजाराम भारती, गुड्डू चौहान, मनोज चौहान, सुरेश सिंह, मनोज कुमार, मोहम्मद जमील अहमद, अफजाल खां, जहीर अहमद आदि ने अफजल को फांसी देने पर खुशी जाहिर की है।



सरकार का फैसला न्याय संगत
अफजल गुुरु को फांसी देने में थोड़ा समय ज्यादा लग गया, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया की हम प्रशंसा करते हैं। बंद कमरे में फांसी देना बिल्कुल ही न्याय संगत है। - ओमकार सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
कांग्रेस की नीयत में है फरेब
फांसी देने का फैसला तो सही है, लेकिन चुनाव के समय में फांसी देने से पता चल रहा है कि कांग्रेस की नीयत में फरेब है। सरकार ने अभी फांसी देने का फैसला अपने फायदे के लिए किया हैे। - प्रेम स्वरूप पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष
सजा देने में लगा ज्यादा समय
एक और बड़े आतंकवादी का खात्मा हो गया है। सरकार के इस फैसले की तारीफ करते हैं। जब अफजल ने सभी के सामने संसद पर हमला किया तो सरकार को चाहिए था कि उसे भी सबके सामने फांसी देनी चाहिए थी। - डॉ. क्रांति कुमार, बसपा जिलाध्यक्ष
कांग्रेस आतंकवादियों के साथ लिप्त
अफजल को फ ांसी और जल्दी देनी चाहिए थी। इसको जेल में रखने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। बंद कमरे में फांसी देना सरकार की एक सोची समझी चाल है। सरकार वाहवाही लूटना चाहती है।- बनवारी सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष

कांग्रेस बीच मझधार में फंसी
अफजल को फांसी देने से देश का गौरव बढ़ा है। अफजल को फांसी देने से दूसरे देश को संदेश मिला है कि आतंक का अंत निश्चित है। चुनाव के नजदीक होने पर अफजल को फांसी देना कांग्रेस सरकार की सोची समझी चाल है। - महेश गुप्ता, भाजपा पूर्व विधायक

आतंकवादी का कोई धर्म नहीं होता
आतंकवादी का किसी धर्म से कोई मतलब नहीं होता। गलती करने वाले को सजा अवश्य देनी चाहिए। सरकार ने अफजल को सजा देकर नेक काम किया है, लेकिन देश पर हमला करने वाले को सबके सामने सजा देनी चाहिए थी। - हाजी मजहर हुसैन

आतंकवाद खत्म होने पर ही करूंगा अन्न ग्रहण
बदायूं। जिले के दो लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अन्न त्यागा। इनमें से एक का संकल्प तो अफजल गुरू को फांसी के साथ ही पूरा हो गया जबकि दूसरे ने इस संकल्प को आतंकवाद के समूल खात्मे तक के लिए बढ़ा दिया है।
संसद पर हुए आतंकी हमले सेआहत पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता और कवि उमाशंकर राही ने आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए अन्न ग्रहण त्याग दिया और प्रण किया कि जब तक आतंकी अफजल गुरु को फांसी नहीं दी जाती तब तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
अफजल की फांसी की खबर सुनने के बाद संस्कार भारती, स्मृति वंदन, आजाद हिंद वाहिनी, मंथन, नर सिंह सेवा समिति, स्वतंत्र क्रांति दल आदि ने मिलकर पांच साल से अन्न त्याग किए हुए उमाशंकर राही को अन्न खिलाकर उनका संकल्प तुड़वाया। श्री राही ने कहा कि अफजल को फांसी पूरे देश की जीत है।
समारोह में मौजूद पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि अफजल गुरु को फांसी होने से मेरा विश्वास और पक्का हो गया है। आज से अब मैं एक प्रण और करता हूं कि अब जब तक इस देश से आतंकवाद को जड़ से खत्म नहीं हो जाता तब तक अन्न ग्रहण नहीं करूंगा।

बारह वर्षों के बाद सही अफजल फांसी पर झूल गया....
बदायूं। जोगीपुरा स्थित गुरुद्वारा के हॉल में आतंकवादी अफजल गुरु को फांसी होने की खुशी में अन्न ग्रहण समारोह और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में शहर के कवियों ने अपनी कविता का काव्य पाठ किया। गोष्ठी की अध्यक्षता कवि राम बहादुर व्यथित ने की।
कवि उमाशंकर राही ने कहा कि -
मेरी भारत माता का गर्व से सीना फूल गया, बारह वर्षों के बाद सही अफजल फांसी पर झूल गया।
कवि व्यथित ने सुनाया-
संस्कार भारती के ललाट, तुमने असि धर्म सिखाया है। आतंकी असुर मिटाने को, बलिदानी पंथ दिखाया है।
कवि षट्वदन शंखधार ने कहा कि -
अफजल गुरू को फांसी देकर तुमने अच्छा काम किया,
भारत माता का भी तुमने ऊंचा फिर से नाम किया।
कवि कामेश पाठक ने कहा कि -
खुश हुआ शहीदों का कुनबा, जग में भारत का नाम हुआ
बच्चा-बच्चा बोल उठा, अफजल का काम तमाम हुआ।
इनके अलावा कवि जयवीर सिंह, भूराज सिंह, पवन शंखधार, भानु प्रकाश भानु, डा. परविंद धवल, प्रदीप विशाल, डॉ. मुजाहिद नाज, अभिषेक अनंत आदि कवियों ने अपना काव्य पाठ किया। गोष्ठी का संचालन कामेश पाठक ने किया। इस मौके पर पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद थे।

शहर में अलर्ट रही पुलिस, तलाशी ली
अफजल को फांसी के बाद खुफिया महकमा चौकस
बदायूं। अफजल को फांसी पर लटकाने के बाद जिले में भी पुलिस खासी अलर्ट रही। सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस ने चेकिंग की तो खुफिया महकमे ने भी संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ा दी।
संसद हमले के आरोपी को फांसी देने की सूचना चैनल पर प्रसारित होते ही शहरवासी टीवी स्क्रीन पर नजरें जमाए दिखाई दिए। इस बारे में लोग तरह-तरह की टिप्पणी कर रहे थे। प्रदेश मुख्यालय के निर्देश पर जिले में भी पुलिस-प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया। रोडवेज, प्राइवेट स्टैंड, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अन्य दिनों के मुकाबले पुलिस की सक्रियता ज्यादा दिखाई दी। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने भी संदिग्ध मुसाफिरों की चेकिंग की। इसके साथ ही खुफिया महकमे के लोगों ने भी संवेदनशील स्थानों पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी। एसपी सिटी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में शांति व्यवस्था कायम है। माहौल भी बेहतर है। हालांकि उच्चस्तर से मिले निर्देश के बाद सक्रियता बढ़ा दी गई है।

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