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सफर पर संकट: 55 बसें कुंभ गईं, अनुबंधित की हड़ताल

Badaun Updated Sat, 09 Feb 2013 05:31 AM IST
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बदायूं डिपो के बेडे़ में 115 बसें हैं। इनमें दर्जन भर से अधिक बसें विभिन्न कमियों के चलते कार्यशाला में खड़ी रहती हैं। कह सकते हैं कि रोजाना लगभग 100 बसों का ही संचालन होता है। इनमें से 55 बसें कुंभ मेले के लिए भेज दी गईं। अब डिपो के पास खराब बसों समेत सिर्फ 60 बसें रह गईं हैं। चूंकि रोजाना यहां से दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली आदि स्थानों को बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। सो बसों के कुंभ चले जाने से जिले में यातायात का संकट खड़ा हो गया है। यात्रियों के लिए शुक्रवार का दिन भी खासा निराशाजनक रहा है।

पहले जानीं थीं 33 बसें
बदायूं। कुंभ के लिए निगम ने बहुत दिनों पहले ही डिपो से 55 बसों की डिमांड रखी थी। जब बसों को भेजने का दिन नजदीक आया तो निगम ने इसकी संख्या घटाकर 33 कर दी। लेकिन शुक्रवार को बसों के रवाना करने से ठीक पहले निगम ने नया फरमान फिर सुना दिया कि कुंभ में 55 बसें ही भेंजी जानी हैं। आदेश को सुनते ही विभागीय कर्मचारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में फिर अधिकारियों समेत सभी कर्मचारी बसाें को भेजने में जुट गए। सभी बसों के साथ एक चालक और परिचालक, इसके अलावा सात अतिरिक्त चालक और परिचालक, एक सुपरवाइजर, कलर्क, बाबू और एक चपरासी भेजा गया है।


रोडवेज से अनुबंधित बसों की हड़ताल
निगम प्रशासन ने संचालकों पर कराई एफ आईआर
बदायूं। एक तो स्थानीय डिपो की 55 बसें कुंभ मेले को चली गईं हैं, वहीं रही सही कसर अनुबंधित बस संचालकों की हड़ताल ने पूरी कर दी। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में अनुबंधित बस संचालकों ने शुक्रवार से बसों का संचालन बंद कर दिया। लिहाजा, मुरादाबाद, दातागंज, मथुरा, अलीगढ़ आदि मार्गों पर यात्रियों के लिए परेशानी शुरू हो गई है। दरअसल इन मार्गों पर यातायात सुचारू रखने का जिम्मा अनुबंधित बसों पर ही है।
डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक पीएस मिश्र ने बताया कि यहां से विभिन्न मार्गों पर 29 अनुबंधित बसें चल रहीं हैं। वैट हटाए जाने तथा डीजल मूल्य में वृद्धि आदि उनकी प्रमुख मांगें हैं। श्री मिश्र ने बताया कि हड़ताल शुरू करने से पहले अनुबंधिक बस संचालकों ने उन्हें गुरुवार को पत्र भी दिया था। इस स्थिति से उन्होंने निगम के आला अफसरों को भी अवगत करा दिया है। एआरएम का यह भी दावा है कि कुंभ मेले में उनकी बसों के चले जाने के बाद भी यात्रियों के लिए किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने बताया यात्रियों की संख्या के मुताबिक बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं।
इधर, देर शाम एआरएम ने बताया कि हड़ताल करने पर अनुबंधित बस संचालकों पर आवश्यक सेवा अधिनियम( एस्मा) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

बसों के न होने से परेशान यात्री क्या कहते हैं-
दो घंटे से बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे हैं। किसी से कुछ पूछों तो कोई सही से जवाब नहीं दे रहा है। - ओम प्रकाश

एक घंटे से दातागंज जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। यहां बसें दिख ही नहीं रह रही हैं। बसों का भी कोई समय निश्चित नहीं है। - राजू

कई घंटों से चंदौसी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। इंतजार करते-करते बच्चे भी दुखी हो गए हैं। - सुखपाल

मैं पूरे परिवार के साथ आगरा से आया हूं। मुझे नहीं पता था कि बसे कुंभ को जाएंगी और अनुबंधित बसों ने हड़ताल कर दी है। इस कारण कई घंटों से बस का इंतजार कर रहे हैं। - राम बाबू

उसहैत जाने के लिए काफी देर से बस का इंतजार कर रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि कोई बस उसहैत नहीं जाएगी। बस मालिक अपनी मनमानी कर रहे हैं। यात्रियों की परेशानी को समझते ही नहीं हैं।- कुसुम

रोडवेज बस अड्डे पर बसाें का अकाल पड़ा हुआ है। जिस बस ड्राइवर से पूछो कि यह बस कहां जा रही है तो वह कुंभ जाने की ही बात कहता है। हम लोगाें की परेशानी सुनने वाला कोई है ही नहीं। - प्रेमवती

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