लालपुल पुलिस चौकी के पीछे दलित युवक की हत्या कर शव फूंका

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Badaun Published by: Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST

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बदायूं। शहर की लालपुल पुलिस चौकी के पीछे एक दलित युवक की हत्या करके अधजला शव नाले में डाल दिया गया। शुक्रवार सुबह बोरी में अधजला शव मिलने के बाद गुस्साए परिजनों ने स्थानीय लोगों के साथ चौकी के आगे शव रखकर जाम लगा दिया। हत्यारोपी पूर्व फौजी के घर पर धावा भी बोल दिया। बरेली-आगरा हाइवे पर पांच घंटा जाम लग जाने से पब्लिक और अफसर सब हलकान हो गए। बाद में पुरानी रंजिश के आधार पर पूर्व फौजी समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या और एससी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पूर्व फौजी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे अवैध संबंधों की भी चर्चा है।
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शहर में सदर कोतवाली की लालपुल चौकी की बगल में रहने वाला राजेंद्र जाटव (30) इलेक्ट्रिक वेल्डिंग का काम करता था। बुधवार शाम से वह गायब हो गया। संयुक्त परिवार में रहने वाले बड़े भाई मदन, मंझले बांके और राजेंद्र की पत्नी ममता आदि ने उसे सभी जगह तलाशा पर उसका सुराग नहीं मिला। परिजनों ने पुलिस से शिकायत की तो उन्हें खुद ही तलाश करने का फरमान सुना दिया गया। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे चौकी के पीछे नाले के किनारे जली हुई बोरी से झांकता मानव दिखा तो वहां खेल रहे बच्चे भयभीत हो उठे। उन्होंने और लोगों को इसकी सूचना दी तो पुलिस तक भी जानकारी पहुंची। कोतवाली पुलिस ने बोरी खोली तो उसमें राजेंद्र का अधजला शव निकला। इसके बाद तो मौके पर मौजूद राजेंद्र के परिजन सुधबुध खो बैठे।

पुलिस ने शव को रिक्शे पर रखवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वह जालंधरी सराय तिराहे तक शव ले ही जा सके थे कि पीछे से आई भीड़ शव को फिर पुलिस चौकी के सामने ले आई। इसके बाद शव को यहां चौकी के सामने रखकर मोहल्ले के लोग सड़क पर बैठ गए। परिजनों ने चौकी की दूसरी साइड में रहने वाले रिटायर फौजी रमेश राठौर के घर यह कहते हुए धावा बोला कि इसी ने पड़ोसी चंद्रपाल मौर्य के साथ मिलकर राजेंद्र की हत्या की है।
हंगामे की सूचना पर एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह, एसपी सिटी पीयूष श्रीवास्तव पुलिस और महिला आरक्षियों को लेकर मौके पर पहुंच गए। काफी समझाने पर भी भीड़ नहीं मानी। लोगों ने घर से निकलकर भागने का प्रयास कर रहे पूर्व फौजी रमेश को पकड़ने की कोशिश की लेकिन इसी बीच पुलिस ने रमेश को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। पिछले दरवाजे से भीड़ रमेश के घर में घुसी तो उसकी बेटियां चीख उठीं। सुरक्षा के लिहाज से महिला पुलिस तीनों लड़कियों और दो छोटे बच्चों को बज्र वाहन में बैठाकर थाने ले गई।
हाईवे पर करीब पांच घंटा जाम रहा। बाद में मौके पर आए बसपा जिलाध्यक्ष डा.क्रांति आदि के कहने पर जाम खोला गया। मृतक की पत्नी ममता की ओर से पुरानी रंजिश बताते हुए रमेश, कचरी फैक्ट्री के मालिक चंद्रपाल मौर्य, उनके दो पुत्र रामू और अरविंद के खिलाफ पति की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एससी एक्ट की धारा भी साथ में लगाई गई है। एसपी सिटी पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित पक्ष रुपयों के लेनदेन की वजह से पुरानी रंजिश का मामला बता रहा है। मौके पर अवैध संबंध जैसी कुछ चर्चा भी सुनने को मिली हैं। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तफ्तीश के आधार पर दोषियों को चिन्हित कर पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी।

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