संपन्नता के बावजूद अपराधों से नहीं छोड़ रहे नाता

Badaun Updated Mon, 24 Dec 2012 05:31 AM IST
दातागंज (बदायूं)। संपन्नता आने के बाद खुशहाल हैं, लेकिन बावरियों ने अपराध जगत से नाता नहीं तोड़ा है। यह जरूर है कि अब बावरियों के गिरोह में दूसरी बिरादरियों के लोग भी शामिल हो गए हैं। बावरिया मूलत: राजस्थान के रहने वाले हैं। ये आज भी राजस्थानी संस्कृति को मानते हैं। गिरोह के सदस्य दूसरे प्रांत में अधिक अपराध करते हैं। गिरोह में 11, नौ और सात की विषम संख्या में ही सदस्य होते हैं।
थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव भोजपुर में रह रहे बावरिया लगभग सौ साल पहले राजस्थान से आए थे। यहां का वातावरण इनके माफिक रहा सो इसी गांव के होकर रह गए। अधिकतर बावरिया आपराधिक छवि के हैं। यह खुद को क्षत्रिय (ठाकुर) बताते हैं। बावरिया गिरोह देश के लगभग सभी प्रांतों में अपराध करते हैं। इनके गिरोह मुख्यत: साहूकार, सर्राफ, बैंक, मंदिर को अधिक निशाना बनाते हैं। हालांकि इस जिले में रहने वाले तमाम बावरिया खुशहाल हो गए हैं, लेकिन उन्होंने अपराधों से नाता नहीं छोड़ा है।
पहले बावरिया अपने गिरोह में अन्य बिरादरियों के लोगों को शामिल नहीं करते थे, किंतु अब अन्य लोग भी गिरोह में हैं।
भाषा भी है अलग
कई दशक जिले में रहने के बाद भी बावरिया अपनी ही भाषा बोलते हैं। यह लोग चांदी को धौलती, सोने को सूबरा, कपड़े को लेफड़ा, बंदूक को लंबोतरी, तमंचे को पादुनिया, दरोगा को नोक्टा और सिपाही को ललपगा बोलते हैं।
...तब ज्यादा हो जाते हैं खतरनाक
जब भी पुलिस किसी वारदात के खुलासे को इनके घरों पर दबिश देती है तब यह सभी लोग खुद ही घर से बाहर निकल आते हैं। अधिकतर बावरियों के घरों में मंदिर हैं। यदि पुलिस वाले दबिश के दौरान मंदिरों से छेड़छाड़ करते हैं तब यह ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं।
साथ के परिवार की जिंदगी भर करते हैं मदद
यदि गिरोह का कोई सदस्य मारा जाता है तो बावरिया उसके परिवार की जिंदगी भर मदद करते हैं। यह भी बताते हैं कि जब कहीं पर वारदात करते हैं तो सात सदस्य होने पर भी आठ हिस्से किए जाते हैं। एक हिस्सा देवी का होता है। उससे जश्न मनाते हैं।

शाहजहांपुर पुलिस का ककराला में छापा
बदायूं। शाहजहांपुर के थाना सदर क्षेत्र की रूपसचरन लेन कालोनी में डॉ.चौधरी के आवास से हुई लाखों रुपये की डकैती के मामले में सदर पुलिस ने कस्बा ककरला में छापा मारा। रात में हुई इस कार्रवाई से खासा हड़कंप मचा रहा। पुलिस ने डकैती में ककराला के बदमाश शामिल हैं, इसी संदेह में यहां आई थी। यहां कई घरों में दबिश दी गई, लेकिन कोई संदिग्ध पुलिस के हाथ नहीं लगा। लिहाजा पुलिस रात में ही बैरंग लौट गई।

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