पटाखों को सेहत से खिलवाड़ न करने दें

Badaun Updated Sat, 10 Nov 2012 12:00 PM IST
बदायूं। दिवाली पर सावधानी नहीं बरती तो आतिशबाजी आपकी आंखों की रोशनी ले सकती है। इसके अलावा तेज आवाज वाले पटाखों से बहरापन भी हो सकता है। दमा के मरीजों को धुएं से अधिक परेशानी होगी। एलर्जी होने की अधिक संभावनाएं हैं।
फिजीशियन डा. सचिन गुप्ता का कहना है कि पटाखों से ध्वनि, वायु प्रदूषण होता है। अधिक रोशनी वाले पटाखे जलाने से आंखों पर प्रभाव पड़ता है। तेज आवाज वाले पटाखों से बहरापन हो सकता है। इसलिए कम आवाज वाले पटाखे चलाएं। धुआं से बचाव करें। बच्चे बड़ों के साथ पटाखे छोड़ें। यदि कहीं पर त्वचा जल जाए तो ठंडे पानी में रखें। जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट लगा दें। दमा के मरीज अधिक धुआं छोड़ने वाली आतिशबाजी न करें। ईएनटी सर्जन डा. एमए सिद्दीकी का कहना है कि तेज रोशनी और धुआं से आंखों में एलर्जी हो सकती है। वायु प्रदूषण से फेफड़ों की बीमारी जन्म ले सकती हैं। दमा से पीड़ित लोगों को अटैक पड़ सकता है। बच्चे यदि आतिशबाजी कर रहे हैं तो बड़े साथ रहें। विदित हो कि पिछले साल दिवाली पर जिला अस्पताल में नौ मरीज ऐसे भर्ती हुए थे जिनकी त्वचा आतिशबाजी से जल गई थी।

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