सूचना न देने पर पांच कॉलेज पर हुए 11 मुकदमे

Badaun Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
जन सूचना अधिकार का पालन नहीं करते अफसर
विभिन्न विभागों में भी लंबित हैं 127 शिकायत
अफसर कह रहे अनावश्यक सूचनाएं ही होती पेंडिंग
सिटी रिपोर्टर
बदायूं। जन सूचना अधिकार का विभाग मखौैल उड़ा रहे हैं। बार-बार अपील करने के बाद भी विभाग वांछित सूचनाएं नहीं देते। इस लापरवाही के चलते अब तक पांच डिग्री कॉलेजों पर 11 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें सर्वाधिक पांच मुकदमे अकेले एनएमएसएन दास कॉलेज पर हुए हैं।
राजस्व विभाग में लंबित हैं 87 मामले
राजस्व विभागों से मांगी गई सूचनाओं में 87 का जवाब नहीं दिया गया। इनकी द्वितीय अपील आयोग में चल रही हैं। इनमें कलेक्ट्रेट से जुड़े विभागों पर दस, एसडीएम सदर पर सात, एसडीएम बिसौली पर नौ, एसडीएम दातागंज पर पांच, एसडीएम बिल्सी पर एक, एसडीएम गुन्नौर पर एक, तहसीलदार सदर पर बीस, बिसौली पर 19, बिल्सी पर चार, दातागंज पर पांच और गुन्नौर पर चार अपील चल रही हैं।
अन्य विभागों की 40 शिकायतें बची
राजस्व विभाग के अलावा अन्य विभागों में 40 अपीलें लंबित हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ मामले बेसिक शिक्षा विभाग के हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग ने एक, माध्यमिक शिक्षा ने एक, पंचायत रात विभाग ने तीन, डीआरडीए ने दो, जिला विकास अधिकारी नेछह, जिला पूर्ति अधिकारी ने पांच, डायट ने दो, सीएमएस महिला ने एक, खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम ने एक, नगर पंचायत इस्लामनगर ने दो, नगर पालिका परिषद बिसौली ने दो, परियोजना अधिकारी डूडा, सहकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग, सीडीओ, मुुख्य खाद्य निरीक्षक और नगर पालिका परिषद बिल्सी ने एक-एक अपील का निस्तारण नहीं किया।
पांच डिग्री कॉलेजों पर हुए मुकदमे
वांछित सूचनाएं न देने पर जिले के पांच डिग्री कॉलेजों पर 11 मुकदमे हो चुके हैं। सबसे ज्यादा पांच मुकदमें एनएमएसएन दास कॉलेज पर हुए जिनमें से तीन का निस्तारण हो चुका है। दो मुकदमे राजकीय डिग्री कॉलेज, दो मुकदमे गिंदो देवी डिग्री कॉलेज पर हुए। जबकि एक मुकदमा बिसौली के दमयंती राज डिग्री कॉलेज और एक बिल्सी के महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज पर हुआ। इन्होंने सूचनाएं समय पर नहीं दी।
अनावश्यक सूचनाएं मांगी जाती
कई बार काफी पुरानी जानकारी मांगी जाती हैं। जिन्हें जुुटा पाना आसान नहीं होता, इसलिए उनमें देरी होती है। इसके अलावा कई जानकारियां ऐसी होती हैं जिनमें फोटो स्टेट का काफी खर्च आता है जिसका भुगतान न होने के कारण सूचनाएं नहीं दी जाती हैं।
डॉ. राजेश पाल सिंह, सीएमओ
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हर सूचना देना संभव नहीं
हमें सूचनाएं देने से कोई गुरेज नहीं है लेकिन कई बार ऐसी सूचनाएं मांग ली जाती हैं जिन्हें देना संभव नहीं हो पाता है। इसके लिए चाहे कोई कहीं भी अपील करे हम ऐसी सूचनाएं नहीं दे सकते।
डॉ. वीके शर्मा, प्राचार्य, एनएमएसएन दास कालेज
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जन सूचना अधिकारी का ब्योरा दें
बदायूं। एडीएम वित्त एवं राजस्व जयंत कुमार दीक्षित ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने विभाग के जन सूचना व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दें। यह सूचना एक अक्तूबर को सभी अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप पर चाही गई थी, लेकिन नहीं दी।

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