फुटपाथ दुकानदारों के आगे फेल है मुहिम

Badaun Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
बदायूं। फुटपाथ पर मिठाई या अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले अगर मिलावट भी करें तो उनके आगे प्रशासन नतमस्तक है। वजह, स्थाई दुकानदारों को तो पकड़ना आसान है लेकिन सड़क किनारे अस्थाई दुकान या ठेले पर बिक्री करने वाले के नमूने लेने में इसलिए लेने में कन्नी काटी जाती हैं, क्योंकि अगर उनके नमूने फेल भी हो जाएं तो बाद में इन दुकानदारों को तलाशना आसान नहीं होता। लिहाजा, मिलावट रोकने की मुहिम फुटपाथी दुकानदारों के आगे फेल साबित हो जाती है।
त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। दीपावली व भइयादूज में तो स्थाई दुकानदार तो मिठाई की दुकानें सजाते ही हैं लेकिन त्योहार के दौरान कुछ दिनों के लिए फुटपाथ और ठेले लगाकर मिठाई और अन्य खाद्य चीजों की बिक्री करने वालों की भरमार हो जाती है।
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सर्वे की मानें तो जिलेभर में खाद्य पदार्थ बेचने वाली सिर्फ 175 ही दुकानें हैं, जबकि असलियत यह है कि इन दुकानों की तादाद इनसे कहीं ज्यादा है और त्योहारों में इनकी संख्या बेहिसाब हो जाती है। इधर, त्योहार में प्रशासन मिलावट के खिलाफ मुहिम भले ही तेज चलाने का दावा करता हो लेकिन हकीकत यह है कि उसका अभियान अस्थाई दुकानदारों पर पूरी तरह फेल हो जाता है।
वजह यह है कि अगर इन दुकानों से नमूने ले भी लिए जाएं और 15 से माहभर की चलने वाली जांच में अगर वे फेल हो जाते हैं तो अस्थाई दुकानदारों को तलाशने में विभाग के पसीने छूट जाते हैं। ऐसे में लंबे समय से ऐसे दुकानदारों के नमूने ही नहीं लिए गए हैं। जबकि इन दुकानों के जरिए भी हजारों क्ंिवटल मिठाई बिकती है। ऐसे में इन दुकानों पर अगर घटिया या खराब खाद्य सामग्री बिकती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी, यह तय नहीं है।

वर्जन----
कायदा तो यही है कि नगर पालिका प्रशासन ही फुटपाथ पर दुकानें न लगने दें, इसके बावजूद इस बार खास ध्यान दिया जाएगा कि खाद्य खासकर मिठाई की अस्थाई दुकानें न लगने पाएं।
संजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन

Spotlight

Related Videos

ये हैं 4 कारण जिनकी वजह से फिल्म पद्मावत का विरोध कर रही करणी सेना

विवादित फिल्म 'पद्मावत' को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बावजूद करणी सेना समेत राजपूत संगठनों का विरोध जारी है। करणी सेना ने फिल्म रिलीज के दिन बंद का आह्वान किया है। आखिर क्यों करणी सेना का विरोध नहीं थम रहा, आइए जानते हैं वो चार वजहें।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper