धान खरीद में फर्जीवाड़, पिस रहा किसान

Badaun Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST

बदायूं। धान खरीद को लेकर फर्जीवाड़ फिर शुरू हो गया है। सरकारी सेंटरों पर किसानों से धान खरीद में जानबूझकर तमाम नखरे दिखाए जा रहे हैं। परेशान होकर किसान मजबूरी में ही सही, आढ़तियों के हाथ कम रेट में ही धान बेच रहा है। उधर, धान सेंटरों पर व्यापारियों व आढ़तियों से धान खरीद कर कमीशनबाजी का खेल चल रहा है।
धान खरीद योजना में हर साल ही किसानों के बजाय व्यापारियों से खरीद कर पूरा किया जाता है। धान खरीद से जुड़ अधिकारी व कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच का यह खेल फिर शुरू हो गया है। क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों से धान खरीद में तमाम झंझट बताए जा रहे है, जिससे आजिज होकर किसान मजबूरी में व्यापारियों के हाथ औने-पौने दामों में अपनी उपज बेच रहा है।
आठ और नौ सौ रुपये प्रति कि्ंवटल के लग रहे दाम
सरकार ने भले ही इस साल धान का रेट 1250 रुपये प्रति कि्ंवटल तय किया हो लेकिन अभी तक सेंटरों पर पहुंचने वाले धान का ज्यादा नम बताकर लेने से इंकार किया जा रहा है। जबकि उसी धान के दाम मंडी में आठ से लेकर नौ रुपये तक लग रहे हैं।
गड़बड़ पर नहीं हो रही निगरानी
प्रशासन ने धान खरीद में गड़बड़ को रोकने के लिए भले ही वेबकैमरे लगाने की बात कही हो लेकिन अभी तक किसी भी धान क्रय केंद्र पर ये कैमरे नहीं लगाए गए हैं।
क्रय केंद्र खुलते तो मिलता अच्छा रेट
उझानी क्षेत्र के गांव अहीरवारा निवासी युवा किसान पप्पू यादव ने बताया कि धान उत्पादकों को इस बार लागत के अनुरुप रेट नहीं मिल पा रहा है। क्रय केंद्र खुले नहीं है।

प्रशासन को नहीं है किसानों की चिंता
भाकियू के जिला महासचिव सत्यवीर सिंह ने बताया कि केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों के फायदे के लिए घोषणाएं तो करती है लेकिन स्थलीय आधार पर कुछ नहीं नहीं आता। धान क्रय केंद्र कागजों में सिमट कर रह गए है।

वर्जन----
अगर किसानों को कोई दिक्कत हो रही है तो पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
जयंत दीक्षित, एडीएम राजस्व/नोडल अधिकारी धान खरीद

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